कोरोना वायरस: आगरा बन सकता है भारत का वुहान, मेयर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख लगाई बचाने की गुहार

0

देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 824 हो गई, वहीं संक्रमण के कुल मामले 26,496 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमित 19,868 मरीजों का इलाज चल रहा है, वहीं 5,803 को ठीक होने के बाद अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से छुट्टी दी जा चुकी है। संक्रमण के कुल मामलों में 111 विदेशी नागरिक भी हैं।

फाइल फोटो: सोशल मीडिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक मौत के कुल 824 मामलों में सर्वाधिक महाराष्ट्र से आए हैं जिनकी संख्या 323 है, इसके बाद गुजरात से 133, मध्य प्रदेश से 99, दिल्ली से 54, आंध्र प्रदेश से 31, राजस्थान से 27, तेलंगाना से 26, तमिलनाडु से 23, पश्चिम बंगाल से 18 और पंजाब से 17, रोगियों की मौत के मामले सामने आए हैं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार (26 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश के आगरा में बिगड़ते कोरोना वायरस की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ताजमहल के शहर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आगरा के मेयर नवीन जैन द्वारा लिखे गए एक पत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस महासचिव ने ट्विटर पर लिखा, “आगरा शहर में हालात खराब हैं और रोज नए मरीज निकल रहे हैं। आगरा के मेयर का कहना है कि अगर सही प्रबंध नहीं हुआ तो मामला हाथ से निकल जाएगा।”

उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा, “कल भी मैंने इसी चीज को उठाया था। पारदर्शिता बहुत जरूरी है। टेस्टिंग पर ध्यान देना जरूरी है। कोरोना को रोकना है तो फोकस सही जानकारी और सही उपचार पर होना चाहिए। सरकार द्वारा आगरा मेयर की बातों को सकारात्मक भाव से लेना और तुरंत पूरी तरह से आगरा की जनता को महामारी से बचाने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है।”

कोरोना वायरस महामारी के आगरा शहर में भयानक रूप लेने की चेतावनी जारी करते हुए शहर के मेयर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने की अपील करने के साथ ही कहा है कि आगरा, देश का वुहान बन सकता है। शहर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने का दावा करते हुए मेयर नवीन जैन ने शहर में कोरोना की स्थिति और जिला प्रशासन की लचर कार्रवाई से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर अवगत कराया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में उन्होंने लिखा है, ‘मैं बहुत दुखी मन से आप को पत्र लिख रहा हूं कि मेरा आगरा अत्यधिक संकट के दौर से गुजर रहा है। आगरा को बचाने के लिए कड़े निर्णय लेने की आवश्यकता है। स्थिति अत्यधिक गंभीर हो चुकी है। इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा हूं कि मेरे आगरा को बचा लीजिए, बचा लीजिये।’ महापौर ने यह पत्र 21 अप्रैल को लिखा था जो 25 अप्रैल की रात्रि से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पत्र में मेयर ने आगे लिखा है, ‘‘आगरा, देश का वुहान बन सकता है। स्थानीय प्रशासन नाकारा साबित हुआ है। …हॉट स्पाट एरिया में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में कई-कई दिनों तक जांच नहीं हो पा रही। न ही मरीजों के लिए भोजन पानी का उचित प्रबंध हो पा रहा। … स्थिति विस्फोटक है।’’ इस पत्र में मेयर ने शहर में कोरोना के बिगड़ते हालात और आम जनमानस को होने वाली परेशानी के लिए सीधे-सीधे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। (इंपुट: भाषा के साथ)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here