एक महीने में NDA को दूसरा बड़ा झटका, TDP के बाद अब BJP से नाराज ‘गोरखा जनमुक्ति मोर्चा’ ने छोड़ा साथ

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आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज केंद्र में मोदी सरकार की मुख्य सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी(TDP) के नेशनल डेमोक्रेटिक अलाएंस यानी NDA से अलग होने के बाद अब गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका दिया है।

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) ने राजग (NDA) से अपना नाता तोड़ लिया है। ख़बरों के मुताबिक, GJM ने बीजेपी से नाराजगी के चलते NDA से अलग होने का फैसला किया है। बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग (NDA) सरकार को मार्च महीने में दूसरा झटका लगा है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) ने शनिवार(24 मार्च) को एनडीए से अलग होने का ऐलान कर दिया। जीजेएम नेता एल एम लामा ने बीजेपी पर गोरखा लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी और बीजेपी का कोई नाता नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एल एम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि गोरखा लोगों का जो सपना है वो हमारा सपना है लेकिन दिलीप घोष के बयान ने पीएम के इस बयान और बीजेपी की नीयत पर से पर्दा उठा दिया है। बता दें कि, दिलीप घोष पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने था कि गोरखा जमनुक्ति मोर्चा से बीजेपी का सिर्फ चुनावी गठबंधन है। इसके अलावा इस पार्टी से किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हुआ है। लामा ने कहा कि दिलीप घोष के इस बयान से गोरखा समुदाय अपने को ठगा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग न तो गोरखा की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं और ना ही सजग।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, लाना मे कहा कि हमने गठबंधन धर्म निभाते हुए पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग संसदीय सीट दो बार बीजेपी को उपहार में दे दी। साल 2009 में यहां से बीजेपी के जसवंत सिंह को और साल 2014 में एस एस अहलूवालिया को जीत दिलाई।

लामा ने कहा कि दार्जिलिंग सीट पर बीजेपी उम्मीदवार को जिताने से हमें उम्मीद थी कि गोरखाओं की समस्याएं सुलझाने में बीजेपी मदद करेगी लेकिन बीजेपी ने ऐसा नहीं किया और बार-बार धोखा दिया।

बता दें कि, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज केंद्र में मोदी सरकार की मुख्य सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) ने एनडीए से बाहर निकलने का फैसला किया था। बता दें कि, पार्टी के राज्यसभा में 16 सदस्य हैं।

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