फंस गए गुरु! अमेठी से राहुल गांधी की हार पर लोगों ने प्रतिज्ञा याद दिलाते हुए सिद्धू से पूछा- ‘राजनीति से कब ले रहे हैं संन्यास’, ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #SiddhuQuitPolitics

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इस लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 55 हजार वोटों से हरा दिया है। स्मृति ईरानी की ये जीत इसलिए बहुत बडी है, क्योंकि ये सीट कांग्रेस और गांधी परिवार का गढ़ रहा है। यहां से संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी सांसद रहे हैं और अब इस सीट पर स्मृति ईरानी की जीत की वजह से कमल खिल गया है।

File Photo: IANS

स्मृति ईरानी के हाथों प्रतिष्ठित अमेठी लोकसभा सीट राहुल गांधी की तरफ से गंवाने के बाद, जहां इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ट्विटर पर पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवोजत सिंह सिद्धू के इस्तीफे की मांग भी जोर पकड़ लिया है। दरअसल, पिछले महीने अप्रैल में सिद्धू ने इस बात की घोषणा की थी कि अगर राहुल गांधी अमेठी से लोकसभा चुनाव हारते हैं तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

इस ऐलान के समय सिद्धू को क्या पता था कि ‘मोदी लहर’ में अमेठी से राहुल गांधी भी हार जाएंगे जिसे गांधी परिवार का सबसे मजबूत गढ़ कहा जाता है। अब उनकी इस प्रतिज्ञा को याद दिलाकर लोग सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं। ट्विटर पर #SiddhuQuitPolitics शुक्रवार सुबह से ही नंबर वन पर ट्रेंड कर रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेठी सीट पर भाजपा प्रत्याशी ईरानी ने 55,120 वोटों से जीत की दर्ज की है। स्मृति ईरानी को जहां 468514 वोट मिले, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 413394 वोट हासिल हुए हैं।

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

बता दें कि छोटे पर्दे की हर दिल अजीज बहू ‘तुलसी’ और ‘गांधी परिवार’ के गढ अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली स्मृति ईरानी ने एक बड़ा उलटफेर करके राजनीति के गलियारों में अपना कद काफी ऊंचा कर लिया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पिछली बार राहुल से अमेठी में एक लाख से अधिक मतों से हार गई थी। इस बार फिर उसी संसदीय क्षेत्र से बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया और पिछले पांच साल से अमेठी में सक्रिय ईरानी ने गांधी से उस हार का बदला ले लिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का तो यह भी कहना है कि अमेठी में अपनी हार की सुगबुगाहट पाने के बाद ही गांधी ने केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला किया था। पिछली बार चुनाव हारने के बावजूद उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया और बाद में वह सूचना प्रसारण और फिर कपड़ा मंत्री रही। ईरानी को उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर या बतौर मंत्री कार्यकाल में कई विवादों का सामना करना पड़ा।

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