जज लोया केस: वकीलों का सनसनीखेज आरोप, कहा- मामला छोड़ने के लिए डाला जा रहा है दबाव, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीरता से ले रहे हैं केस

0

गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के दिवंगत न्यायाधीश बृजगोपाल हरकिशन लोया की कथित रहस्यमय मौत मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले वकीलों ने बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगा लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट में जज लोया की मौत के मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने आरोप लगाया कि उनपर मामला छोड़ने के लिये कथित तौर पर दबाव डाला जा रहा है।Loyaनवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम खानविल्कर और जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे और पल्लव सिसोदिया ने कहा कि मामला छोड़ देने के लिये उनपर दबाव डाला जा रहा है। जहां दवे ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मामले में पेश होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है, वहीं सिसोदिया ने दवे पर मीडिया में एक लेख लिखकर मामले से अलग होने के लिये उनपर दबाव डालने का आरोप लगाया।

बता दें कि दवे इस केस में बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की तरफ से पेश हो रहे हैं। असोसिएशन ने मूल याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर की थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया गया। दूसरी तरफ सिसोदिया महाराष्ट्र के पत्रकार बी. एस. लोन की ओर से पेश हो रहे हैं। उन्होंने भी मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है।

सुनवाई के अंतिम हिस्से में सिसोदिया ने बेंच से कहा कि, ‘श्रीमान दवे दबाव के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद मीडिया में एक लेख लिखकर मामले से अलग होने के लिये मुझ पर दबाव डाला है।’ इसपर दवे ने कहा कि, ‘मैं अपने लेख पर कायम हूं। आप पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से पेश हो चुके हैं और अब इस मामले में न्यायिक अधिकारी की मौत की जांच की मांग कर रहे हैं।’

दवे ने बेंच से कहा कि, ‘कोई इस बात की कल्पना नहीं कर सकता कि हम कितने दबाव में काम कर रहे हैं। हम एक उद्देश्य के लिये इसे लड़ रहे हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। एक जज की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई है। हम अपने हाथ पीछे बांधकर काम कर रहे हैं। चीजें वैसी नहीं हैं जैसी सामने नजर आ रही हैं।’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीरता से ले रहे हैं केस

वकीलों द्वारा दबाव बनाए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को ‘अत्यंत गंभीरता’ से ले रहा है। बेंच ने कहा, ‘चाहे जो भी दबाव हो, हम अपना काम करेंगे।’ चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को आश्वस्त किया कि कोई भी इस मामले में उन्हें दलील रखने से नहीं रोक सकता है और अदालत मामले पर ‘अत्यंत सावधानी’ से विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत हुई तो इस मामले में जांच के आदेश भी जारी किए जाएंगे

बेंच ने कहा, ‘न्यायिक बिरादरी के एक सदस्य की मौत हुई है। हम इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और इसपर उद्देश्य के तौर पर विचार कर रहे हैं। अदालत कक्ष के बाहर चाहे जो कुछ भी कहा गया हो, हम अपना काम करेंगे। जहां तक हमारा सवाल है, हम आपको आश्वस्त करते हैं कि कोई भी आपको मामले में दलील रखने से नहीं रोक सकता है।’ बेंच ने आगे कहा, ‘पहले दिन ही हमने कहा था कि यह गंभीर चिंता का विषय है। अगर किसी तरह का संदेह है तो हम देखेंगे कि क्या जांच की जरूरत है। अगर उसकी अंतरात्मा उत्प्रेरित हुई तो हम जांच के लिए कह सकते हैं।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here