बाबरी केस मामले को लेकर बोले आडवाणी- ‘मुझे इसकी जानकारी नहीं, अखबार में कहीं पढ़ा था मैंने’

0
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बहुचर्चित बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (6 मार्च) को अहम सुनवाई हुई थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ये संकेत देते हुए कहा था कि महज टेक्नीकल ग्राउंड पर इन्हें राहत नहीं दी जा सकती। लेकिन बुधवार को जब पत्रकारों ने इस संबंध में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। अखबार में कहीं पढ़ा था मैंने।
बाबरी केस मामले को लेकर बोले आडवाणी
फोटो- ANI
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बाबरी विध्वंस मामले में दो अलग-अलग अदालतों में चल रही सुनवाई एक जगह ही क्यों न हो? बता दें कि, इस मामले में मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और बीजेपी और विहिप के नेता शामिल हैं। कोर्ट ने सीबीआई को मामले में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश की पूरक चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट अब 22 मार्च को सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय ने इस मामले में आरोपी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सहित अन्य को दोषमुक्‍त पाया था। अगर सुप्रीम कोर्ट फैसला बदलती है तो इन सभी नेताओं के खिलाफ पुराना मामला फिर से खोला जा सकता है। इससे पहले, अदालत ने मार्च 2015 में आरोपियों से जवाब तलब किया था।

सीबीआई ने उच्च न्यायालय के 21 मई 2010 को सुनाए फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने नेताओं के खिलाफ आरोप हटाने के विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में सीबीआई की विशेष अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार और मुरली मनोहर जोशी के उच्च्पर लगे षड़यंत्र रचने के आरोपों को हटा दिया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here