कासगंज हिंसा में जिंदा शख्स को ‘मृत’ घोषित करने वाले अभिजीत मजूमदार अब राहुल गांधी की ‘फर्जी खबर’ फैलाते हुए पकड़े गए

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याद कीजिए राहुल उपाध्याय नाम के उस युवक को जिसे पिछले साल 30 जनवरी को मीडिया के सामने आकर अपने ‘जिंदा होने का सबूत’ देना पड़ा था। राहुल वही युवक था जिसे सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2018) के दिन उत्तर प्रदेश के कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा में मरा हुआ बता दिया गया था। मीडिया से बात करते हुए राहुल ने खुद अपनी मौत की अफवाहों का सच सबके सामने रखा था। सोशल मीडिया पर राहुल उपाध्याय की मौत की झूठी खबर फैलाने वालों में कई वरिष्ठ पत्रकारों, बुद्धिजीवियों सहित समाचार चैनल भी शामिल थे।

सबसे हैरानी की बात यह थी कि युवक की मौत की झूठी अफवाह फैलाने वालों में उस वक्त इंडिया टुडे (अब छोड़ चुके हैं) जैसे देश के बड़े समूह के वरिष्ठ संपादक रहे अभिजीत मजूमदार भी शामिल थे। मजूमदार ने पूरे आत्मविश्वास के साथ राहुल की ‘मौत की झूठी खबर’ अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था। जिसकी बाद में मजूमदार की काफी आलोचना हुई थी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कासगंज में 26 जनवरी 2018 को निकाली जा रही तिरंगा यात्रा के दौरान हुई एक झड़प ने साम्प्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था। हिंसा में चंदन गुप्ता नाम के एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी।

अब राहुल गांधी की दुबई यात्रा पर ‘फर्जी खबर’ फैलाते हुए पकड़े गए

कासगंज हिंसा में जिंदा शख्स को ‘मृत’ घोषित करने वाले अभिजीत मजूमदार एक बार फिर ‘फर्जी खबर’ फैलाते हुए पकड़े गए हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की दुबई यात्रा पर एक ‘फर्जी खबर’ शेयर किए हैं। दरअसल, इंडिया टुडे छोड़ चुके अभिजीत मजूमदार फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर के स्वामित्व वाली एक दक्षिणपंथी न्यूज वेबसाइट ‘माई नेशन’ (Mynation) में संपादक के तौर पर कार्यरत हैं।

मजूमदार ने इस वेबसाइट की एक खबर का लिंक शेयर करते हुए दावा किया है कि दुबई यात्रा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक छोटी बच्ची के सवालों से असहज हो गए। वेबसाइट की स्टोरी में दावा किया गया है कि दुबई में राहुल गांधी की शर्मिंदगी वहां की सुर्खियों में है। इसकी वजह है एक 14 साल की लड़की द्वारा उठाए गए सवाल। बच्चों को उसके सवालों के लिए धन्यवाद दिया गया।

वेबसाइट के मुताबिक, राहुल गांधी ने एक अधिवेशन में हिस्सा लिया, जिसका आयोजन वहां रहने वाले भारतीयों ने किया था। उन्होंने वहां मौजूद भारतीयों को संबोधित किया और लोगों से सवाल पूछने को कहा। तभी 14 साल की एक लड़की ने सवाल पूछने के लिए अपना हाथ उठाया। राहुल गांधी ने अपने वालंटियर को इशारा दिया कि वह माइक उसे दे दे। लेकिन जैसे ही उसने सवाल किया वैसे ही सबके कान खड़े हो गए।

वेबसाइट के मुताबिक, बच्ची ने पहला सवाल किया कि राहुल गांधी जो कि लगातार जातीय और सामाजिक विभेद के खिलाफ आवाज उठाते हैं, वह गुजरात में अपने माथे पर भस्म लगाते हैं और कश्मीर का दौरा करते समय कुफ़ी (पारंपरिक मुस्लिम टोपी) क्यों पहनते हैं? राहुल गांधी ने इसके जवाब में कहा कि उनका उद्देश्य सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करना होता है।

लेकिन इस 14 साल की बालिका का दूसरा सवाल चौंकाने वाला था। उसने पूछा, “कांग्रेस, जो कि गर्व करती है कि उसने कई दशकों तक भारत पर राज किया। तब जो विकास और कल्याण के काम नहीं हो पाए थे। क्या वह अब किए जाएंगे? वेबसाइट ने दावा किया है कि इस सवाल से पैदा हुई शर्मिंदगी का सामना करने में राहुल गांधी असमर्थ थे। उन्होंने उस लड़की के इस सवाल को एक मुस्कान के साथ खारिज करने की कोशिश की, जैसा कि वह हमेशा करते हैं।

दुबई के सूत्रों ने जानकारी दी कि इस दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा लाइव टेलीकास्ट अचानक रोक दिया गया था। लेकिन वह लड़की आगे कहती रही कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद ही भारत को दुनिया भर में पहचान मिली। उस बच्ची ने राहुल गांधी को आगे सलाह दी कि उन्हें जाति भेद को बढ़ावा देने की बजाए भ्रष्टाचार मुक्त शासन लाने का वादा करके सत्ता में लौटने की कोशिश करनी चाहिए। इस सवाल जवाब के दौरान वहां मौजूद जनता पूरी तरह स्तब्ध थी। जब उस बालिका के प्रश्न समाप्त हुए तो पूरा आयोजनस्थल तालियों से गूंज उठा।

ये है हकीकत

Mynation में प्रकाशित जिस लेख को मजूमदार ने शेयर किया है, उसमें दुबई के एक स्टेडियम में मौजूद राहुल गांधी की तस्वीर के साथ बच्ची का भी स्क्रीनशॉट फोटो लगी थी। जैसे की वह लड़की राहुल गांधी की सभा में ही मौजूद थी। जबकि सच्चाई यह है कि फोटो में दिख रही लड़की (अब Mynation वेबसाइट से हटा दी गई है) महाराष्ट्र की एक छात्रा थी, जिसका नाम सिद्धि बागवे है। इस बच्ची का एक वीडियो तीन साल पहले यूट्यूब (नीचे देखें) पर अपलोड किया गया था। बच्ची का यह वीडियो महाराष्ट्र के विक्रोली स्कूल का है जहां वह एक समारोह के दौरान फरफॉर्म कर रही है।

कांग्रेस ने बोले हमला 

कांग्रेस ने मजूमदार की शरारत पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस हेड दिव्या स्पंदना (राम्या) ने मजूमदार के ट्वीट को फर्जी करार देते हुए निशाना साधा है। राम्या ने कहा है कि क्या आपको जानबूझकर झूठ फैलाने में कोई शर्म नहीं है। उन्होंने अपने ट्वीट में पिछले साल आरबीआई के पार्ट-टाइम डायरेक्टर बनाए गए सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेट और आरएसएस से जुड़े एस गुरुमूर्ति, अभिजीत मजूमदार और माई नेशन वेबसाइट की एसोसिएट एडिटर प्रतिबा रमन को टैग किया है।

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नाराजगी व्यक्त की है। कांग्रेस द्वारा पोस्ट किए ट्वीट में कहा गया है कि आरबीआई के पार्ट-टाइम डायरेक्टर और फूल टाइम फर्जी न्यूज स्पेशलिस्ट एस गुरुमूर्ति ने अभिजीत मजूमदार और प्रतिबा रमन के साथ फर्जी खबरें फैलाने का काम किया, लेकिन पकड़े गए।

हालांकि, शर्मिंदगी का सामना करने के बाद मजूमदार और उनकी टीम को इस लेख में सुधार करने को मजबूर होना पड़ा। मजूमदार ने ट्विटर पर लिखा है कि हमने कांग्रेस के विदेशी गोपनीय कार्यालय से पुष्टि की गई है कि लड़की ने राहुल गांधी से सवाल पूछे और हमने राहुल गांधी के जवाबों का विस्तृत जानकारी दी है। माई नेशन अपनी कहानी के साथ खड़ा है, लेकिन यदि कुछ गलत है तो हम उसे स्वीकार कर सुधारते हैं।

लेकिन दिव्या स्पंदना (राम्या) ने एक बार फिर मजूमदार को पैथोलॉजिकल लायर करार देते हुए कहा कि सच बोलने की हिम्मद रखो। सत्ते प्रचार के लिए आप जानबूझकर गलत फैला रहे हो। और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक युवा निर्दोष लड़की की तस्वीर का दुरुपयोग कैसे कर सकते हैं।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को दुबई में नरेंद्र मोदी पर हमला जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘असहिष्णुता एवं बंटवारे की स्थिति’ का सामना कर रहा आज का भारत कभी सफल और मजबूत नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद देश को फिर से एकजुट किया जाएगा, ताकि बेरोजगारी सहित सभी चुनौतियों से निपटा जा सके।

‘दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’ में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए गांधी ने यह भी कहा कि देश को फिर से एकजुट करने और समस्याओं का समाधान करने में सब मदद करें। गांधी ने कहा, ‘‘मैंने आज दुबई के शासक शेख मोहम्मद से मुलाकात की। मुझे उनके भीतर विन्रमता का आभास हुआ। उनके अंदर एक फीसदी भी अहंकार नहीं था। एक ऐस नेता जो लोगों की सुनता है और कदम उठाता है। यह देश कई आवाजों से मिलकर बना है।”

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