चुनाव प्रचार के दौरान मारपीट के मामले में दोषी करार AAP विधायक सोमदत्त को 6 महीने जेल की सजा, 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

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राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमदत्त को 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक व्यक्ति पर हमला करने के जुर्म में गुरूवार को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उनपर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिछली सुनवाई में 29 जून को उन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया था और गुरुवार को सजा सुनाई है। यह मामला जनवरी 2015 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मारपीट करने से जुड़ा है।

AAP MLA Som Dutt, Courtesy: hindustantimes.com

दत्त को यह सजा अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने सुनाई। इस मामले में दत्त को पिछले सप्ताह दोषी ठहराया गया था। जुर्माने की रकम में से एक लाख रुपये शिकायतकर्ता संजीव राणा को दिया जाएगा। जुर्माने की रकम उन्हें 30 दिन में जमा करवानी होगी।

दिल्ली की सदर बाजार विधानसभा सीट से विधायक दत्त को भादंवि की धारा 325 (जानबूझकर बिना किसी उकसावे के चोट पहुंचाना), 341 (गलत तरीके से रोकने), 147 (दंगा) तथा 149 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने) के तहत दोषी ठहराया गया था।

दत्त को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा था, ‘‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि 10 जनवरी 2015 की रात करीब आठ बजे सोमदत्त अपने लगभग 50 समर्थकों के साथ फ्लैट संख्या 13 पहुंचे जहां शिकायतकर्ता मौजूद था। शिकायतकर्ता को आरोपी तथा उसके सहयोगियों ने पीटा और हमला किया, जिसकी वजह से उसे गंभीर चोटें आईं।’’

क्या है पूरा मामला?

10 जनवरी 2015 को सोमदत्त ने शिकायतकर्ता संजीव राणा की पिटाई की थी। शिकायतकर्ता संजीव राणा ने शिकायत में कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान सोमदत्त करीब 50 समर्थकों के साथ उसके गुलाबी बाग स्थित फ्लैट पर पहुंचे। आप समर्थक लगातार डोर बेल बजा रहे थे। जब इस पर आपत्ति जताई तो सोमदत्त और आप समर्थक उसे घसीटते हुए सड़क पर ले गए। फिर सरेआम बेसबॉल के बैट से पिटाई की। पीड़ित ने कहा था कि गंभीर चोट आने पर बेहोश हो गए थे और फिर पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।

वहीं, विधायक सोमदत्त ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि संजीव राणा ने राजनीतिक दुश्मनी के चलते मारपीट का झूठा केस दर्ज कराया है। संजीव भाजपा का सदस्य है और वह उनका टिकट कटवाना चाहता था। हालांकि, कोर्ट में संजीव ने किसी दल से जुड़े होने से इनकार किया था। इस मामले में दत्त को पिछले हफ्ते दोषी ठहराया गया था। अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में छह महीने से भी कम का समय बचा है, ऐसे में कोर्ट के इस फैसले को सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए एक झटका माना जा रहा है।

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