राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर अब पंजाब पहुंची असंतोष की चिंगारी, AAP विधायक ने सिसोदिया को लिखा पत्र

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दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) में राज्यसभा के लिए घोषित किए गए तीन उम्मीदवारों के नामों पर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुमार विश्वास द्वारा उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद अब इस असंतोष की चिंगारी पंजाब के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फूट रही है। पंजाब के खरड़ से आप विधायक कंवर संधु ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया को इस बावत पत्र लिखा है।chikungunyaजनसत्ता के मुताबिक संधु ने पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी से सिसोदिया को अवगत कराते हुए कहा कि इस फैसले वे खासे निराश हैं। बड़ी बात यह भी है कि कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक रहे संयोजक संजय सिंह के नाम पर सवाल उठाया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक पंजाब चुनाव हरवाने वाले संजय सिंह को राज्यसभा क्यों भेजा जा रहा है?

संधु के मुताबिक संजय सिंह के रहते पंजाब में आप को अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिली, फिर भी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा। आपको बता दें कि संजय सिंह पंजाब के प्रभारी रह चुके हैं। संजय सिंह के अलावा संधु ने आप की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता को भी राज्यसभा भेजे जाने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब पार्टी में अन्य वरिष्ठ नेता थे तब बाहरी को क्यों लिया गया।

संधु ने पत्र में लिखा कि जब पार्टी में कुमार विश्वास और आशुतोष जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद हैं तो सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को उम्मीवार क्यों बनाया गया। संधु ने लिखा कि पार्टी के फैसले से कार्यकर्ता निराश हैं, पार्टी के अधिकारियों और विधायकों को कार्यकर्ताओं की भावनाओं से अवगत कराना जरूरी था।

जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक संधु ने यह भी बताया कि हालांकि इस मामले को लेकर विधायकों की कोई बैठक नहीं हुई है, लेकिन कुछ विधायक उम्मीदवारों के नामांकन से नाखुश हैं। संधु ने यह भी लिखा कि अगर संजय सिंह को उनके काम को लेकर राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया तो फिर पार्टी में ऐसे कई नेता हैं जिन्हें काम का ईनाम मिलना चाहिए था। कुमार विश्वास और आशुतोष को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था।

उम्मीदवारों की घोषणा होते ही पार्टी में घमासान

बता दें कि AAP ने अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के तौर पर बुधवार (3 दिसंबर) को संजय सिंह, सुशील गुप्ता और नारायण दास गुप्ता (एनडी गुप्ता) को नामित किया। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह पीएसी के सदस्य हैं और पार्टी गठन के समय से ही उससे जुड़े हुए हैं। जबकि सुशील गुप्ता दिल्ली के एक कारोबारी हैं और एन डी गुप्ता एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।

हालांकि उम्मीदवारों की घोषणा होते ही पार्टी में घमासान मच गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास समेत कई नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया। कुमार ने खुद को एक ‘शहीद’ करार देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोलने की वजह से उच्च सदन के लिए उनकी अनदेखी की गई।

कुमार ने कहा कि मुझे डेढ़ साल पहले अरविंद ने बुलाकर कहा था कि सर जी आपको मारेंगे, लेकिन शहीद नहीं होने देंगे। मैं उनका बधाई देता हूं और अपनी शहादत को स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि युद्ध का भी एक छोटा नियम होता है कि शहीदों के शव से छेड़छाड़ नहीं की जाती।

वहीं कुमार विश्वास पर पलटवार करते हुए आप ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि कुमार विश्वास ने केजरीवाल सरकार को गिराने की साजिश रची थी। पार्टी में दिल्ली के संयोजक गोपाल राय ने गुरुवार (4 जनवरी) को आरोप लगाया कि नगर निगम चुनावों के बाद दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार गिराने का षड्यंत्र रचने के केंद्र में विश्वास थे।

 

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