जानिए क्या है, AAP नेता संजय सिंह के दो-दो पासपोर्ट की हकीकत?

0

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा उम्मीदवार संजय सिंह के पासपोर्ट की कॉपी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहीं है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि संजय सिंह के पास एक से अधिक पासपोर्ट है। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है जो हम आपको बताने जा रहें है।

संजय सिंह
file photo

दरअसल, कुछ दिनों पहले आप नेता संजय सिंह के पासपोर्ट को लेकर दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने दो पासपोर्ट होने का दावा किया है। कपिल ने संजय के ये दोनों पासपोर्ट को अपने ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘राज्यसभा के माननीय सांसद संजय सिंह के कई पासपोर्ट।’

कपिल ने संजय के पासपोर्ट पर सवाल पूछा है कि उनके पासपोर्ट की मान्यता सिर्फ एक साल के लिए क्यों है जबकि देश के आम नागरिक के लिए ये अवधि दस साल की होती है। कपिल मिश्रा का दावा है कि पासपोर्ट में एक साल की वैलिडिटी संदिग्ध व्यक्तियों और अपराधियों को दी जाती है।

कपिल मिश्रा के दावे पर एबीपी न्यूज़ को पूर्व चीफ पासपोर्ट ऑफिसर शशांक ने बताया कि दो तरह के लोग होते हैं जिनके पासपोर्ट की एक साल के लिए वैलिडिटी हो सकती है। पहले वो जो संदिग्ध हैं यानि जिनके ऊपर कोई मुकदमा हो, दूसरे वो जो संदिग्ध नहीं हैं और जिन्हें पासपोर्ट जल्दी चाहिए।

एबीपी न्यूज़ के मुताबिक, दो पासपोर्ट के आरोप पर संजय सिंह ने कहा कि, ‘एक पासपोर्ट अगर एक साल के लिए मिला है, एक साल बाद पासपोर्ट की वैलीडिटी खत्म होने के बाद नया पासपोर्ट बनेगा। नए पासपोर्ट में भी एक साल की वैलिडिटी है, उन दोनों पासपोर्ट की तारीख है और दोनों में हस्ताक्षर हैं।’

साथ ही उन्होंने बताया कि, ‘मेरे पास तीन पासपोर्ट हैं जो अलग-अलग समय पर बने हुए हैं। पहले पासपोर्ट की वैलीडिटी दस साल की थी, दूसरा पासपोर्ट बनने तक मेरे ऊपर बहुत सारे मुकदमें हो गए। आंदोलन, मानहानि के मुकदमे सहित कई मुकदमें हो गए, इस वजह से कोर्ट एक साल वैलीडिटी वाले पासपोर्ट की इजाजत देता है।’

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, संजय सिंह के पास दो नहीं सिर्फ एक ही पासपोर्ट है। पहला पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है इसलिए नया बना है, पासपोर्ट की वैलेडिटी एक साल इसलिए है क्योंकि संजय सिंह पर मुकदमे चल रहे हैं।

बता दें कि AAP ने अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के तौर पर बुधवार (3 दिसंबर) को संजय सिंह, सुशील गुप्ता और नारायण दास गुप्ता (एनडी गुप्ता) को नामित किया। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह पीएसी के सदस्य हैं और पार्टी गठन के समय से ही उससे जुड़े हुए हैं।

जबकि सुशील गुप्ता दिल्ली के एक कारोबारी हैं और एन डी गुप्ता एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। हालांकि उम्मीदवारों की घोषणा होते ही पार्टी में घमासान मच गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास समेत कई नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here