शामली: नहीं मिली एम्बुलेंस तो ठेले पर लादकर मरीज को पहुंचाया अस्पताल

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भारत भले ही हेल्थ टूरिज्म का सेंटर बनता जा रहा हो और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही हो। लेकिन सच यही है कि हमारे यहां स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमीं है, जिसे दूर किए बिना हम अन्य देशों से मुकाबला करने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। भारत के अलग-अगल राज्यों से हर रोज कोई न कोई ऐसी तस्वीर सामने आ ही जाती है, जिसे देखकर हमें शर्मसार होना पड़ता है।

एम्बुलेंस

इसी बीच, उत्तर प्रदेश में चिकित्सा विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति एम्बुलेंस नहीं मिलने पर मरीज को खाट सहित ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाता नजर आ रहा है। यह वीडियो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत को बयां कर रहा है। मामला शामली जिला स्थित सिविल अस्पताल का है।

मरीज के परिवार का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिली। परिवार के सदस्य ने कहा कि, जब उन्होंने जिला अस्पताल में फोन किया और उन्हें एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिए कहा, तो उन्होंने कथित तौर पर उनसे कहा कि अस्पताल अभी कोई भी स्टाफ नहीं है। परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर मुझे इलाज के नाम पर एक वार्ड से दूसरे वार्ड में दौड़ाते रहे। अंत में डॉक्टरों ने मुझे मरीज को मेरठ ले जाने की सलाह दी।

वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय भटनागर ने इस घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, संजय भटनागर ने बताया कि यह घटना मेरे संज्ञान में नहीं आई थी, लेकिन मरीजों को अस्पताल लाने के लिए ‘108 हेल्पलाइन एम्बुलेंस’ का इस्तेमाल किया जाता है। आपातकालीन मरीजों की मदद के लिए अस्पताल के बाहर दो स्ट्रेचर रखे जाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के पर कार्रवाई होगी।

बता दें कि स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं के मामले में भारत अन्य कई देशों से काफी पीछे है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भारत बांग्लादेश, चीन, भूटान और श्रीलंका समेत अपने कई पड़ोसी देशों से पीछे है।

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