बुलंदशहर: स्कॉलरशिप लेकर अमेरिका में पढ़ने वाली छात्रा की छेड़खानी के दौरान सड़क हादसे में मौत

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अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित बैबसन कॉलेज की एक छात्रा की उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पीड़िता छात्रा सुदीक्षा भाटी छुट्टियों में भारत आई हुई थी और 20 अगस्त को उसे अमेरिका वापस जाना था। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त 19 वर्षीय यह छात्रा अपने दुपहिया वाहन पर सवार होकर बुलंदशहर जाने के अपने रास्ते पर थी।

बुलंदशहर

इस मामले में कथित छेड़छाड़ के भी आरोप लग रहे हैं, हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि सोमवार की शाम को वह दादरी से अपने चाचा के साथ स्कूटी पर निकली थी और तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उनका पीछा करना शुरू किया।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की के चाचा सत्येंद्र भाटी ने कहा, “ये आदमी सुदीक्षा पर तंज कस रहे थे और साथ ही अपने मोटरसाइकिल पर तमाम तरह के स्टंट्स कर सुदीक्षा की स्कूटी को ओवरटेक कर उसे रिझाने की भी कोशिश कर रहे थे। एकाएक उनकी बुलेट ने सुदीक्षा की स्कूटी को टक्कर मार दी जिससे उसने अपना संतुलन खो दिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।”

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने हालांकि इस बात से साफ तौर पर इंकार कर दिया है कि इसमें छेड़खानी की कोई घटना शामिल नहीं है। उन्होंने यह कहा है कि पीड़िता के परिवार ने ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं की है। पुलिस अधीक्षक (सिटी) अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “बुलन्दशहर में अपने चाचा के साथ बाइक पर जा रही होनहार छात्रा सुदीक्षा भाटी को मनचलों की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी जो अति-दु:खद, अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय। बेटियां आखिर कैसे आगे बढ़ेंगी? यूपी सरकार तुरन्त दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे, बीएसपी की यह पुरजोर मांग है।”

जानकारी के अनुसार, सुदीक्षा भाटी ने साल 2018 में इंटरमीडिएट में बुलंदशहर जनपद को टॉप किया था। HCL की तरफ से 3 करोड़ 80 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दिए जाने के बाद सुदीक्षा भाटी अमेरिका में उच्च शिक्षा ग्रहण करने चली गई थी। सुदीक्षा अमेरिका के बॉब्सन कॉलेज में भारत सरकार के खर्च पर पढ़ रही थी।

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