सरकार ने जनधन के 18 लाख खातों की पहचान कर भेजे नोटिस, नोटबंदी में जमा हुई थी आय से अधिक की धनराशि

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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी के बाद ऐसे 18 लाख बैंक खातों का पता चला है जिनमें जमा राशि खाताधारक की आय से मेल नहीं खाती। सरकार ने इन खाता धारकों से जमा धनराशि की जानकारी मांगी है।

अरुण जेटली

पूर्व में आयकर विभाग ने आप्रेशन क्लीन मनी की शुरुआत की थी जिसके तहत 18 लाख लोगों के कैश डिपोजिट का वेरिफिकेशन किया गया। रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया ने बताया था कि ऐसे बड़े कैश डिपोजिटर्स की पहचान की गई है जिनका प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपाजिट से मैच नहीं कर रहा है।

इस बारें में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद जनधन खातों और निष्क्रिय खातों का दुरुपयोग होने की जांच की गई है। सरकार ने बड़े स्तर पर इस प्रकार के खाते खंगाल रही और उन लोगांे का पता लगा रही है जिन लोगों ने इतनी बड़ी रकम जमा की है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के 18 लाख खाते हैं, जिनकी खाते में जमा राशि और खाताधारक की आय मेल नहीं खाती। उनसे प्राथमिक जानकारी मांगी गई है। कुछ ने जानकारी दे दी है, लेकिन जिन्होंने नहीं दी है उन्हें कानून के तहत नोटिस जारी किया जाएगा।

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि आठ नवंबर, 2016 को की गई नोटबंदी की घोषणा के बाद से 30 दिसंबर, 2016 के बीच 1,09 करोड़ बैंक खातों में दो लाख रुपए से लेकर 80 लाख रुपए तक जमा किए गए हैं। वहीं, करीब 1.48 लाख बैंक खातों में 80 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा कराई गई है।

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