‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बाद भी 73.2 करोड़ से ज्यादा लोग खुले में शौच या असुरक्षित शौचालयों का करते हैं इस्तेमाल

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भारत को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार अनेक प्रयास कर रही हैं, मगर भारत के लोग बुनियादी साफ-सफाई के मामले में बहुत पीछे हैं। आबादी के लिहाज से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भारत में बुनियादी साफ सफाई के बिना रहने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

शौच
फाइल फोटो

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, भारत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुई व्यापक प्रगति के बावजूद 73.2 करोड़ से ज्यादा लोग या तो खुले में शौच करते हैं या फिर असुरक्षित या अस्वच्छ शौचालयों का इस्तेमाल करते हैं। वाटर एड्स की स्टेट आॅफ द वर्ल्ड टॉयलेट्स 2017 रिपोर्ट कहती है, भारत में करीब 35.5 करोड़ महिलाओं और लड़कियों को अब भी शौचालय का इंतजार है।

सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट कहती है कि स्वच्छ भारत मिशन के जरिये साफ सफाई की स्थिति में नि:संदेह काफी प्रगति हुई है। इसके तहत अक्तूबर, 2014 से नवंबर, 2017 के बीच 5.2 करोड़ घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया।

‘आउट ऑफ ऑर्डर’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘खुले में शौच को कम करने और बुनियादी साफ-सफाई की स्थिति में सुधार के मामले में भी भारत 10 शीर्ष देशों में शामिल है।’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बाद चीन का नंबर आता है जहां 34.3 करोड़ लोगों के पास ठीक-ठाक शौचालय की सुविधा नहीं है।

हालांकि यहां भी वर्ष 2000 के बाद से स्थिति में काफी सुधार हुआ है जब करीब 40 फीसद आबादी के पास बुनयादी साफ-सफाई की कमी थी। अफ्रीका का सबसे आबादी वाला देश नाईजीरिया इस सूची में तीसरे स्थान पर है। वैश्विक रूप से तीन में से एक व्यक्ति के पास अब भी शौचायल की सुविधा नहीं है।

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