लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग के 900 मामले आए सामने, पेड न्यूज के 647 मामले

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चुनाव आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान 647 पेड न्यूज के मामले पाए गए, जबकि विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से 909 पोस्ट हटाए गए। सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान रविवार को संपन्न हुआ और चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार, पेड न्यूज के कुल मामलों में से 57 मामले सातवें चरण के मतदान के दौरान पाए गए, जबकि छठे चरण में एक, पांचवें चरण में आठ, चौथे चरण में 136, तीसरे चरण में 52, दूसरे चरण में 51 और सबसे ज्यादा 342 मामले पहले चरण में पाए गए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान पेड न्यूज के 1,297 मामले पाए गए थे, जो सबसे ज्यादा खराब स्थिति थी। चुनाव आयोग ने पहली बार सोशल मीडिया के लिए ऐच्छिक आचार संहिता लागू की थी और सभी चुनाव क्षेत्रों में विशेषज्ञों और नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया था।

आयोग ने बताया कि फेसबुक से 650 पोस्ट, ट्विटर से 220, शेयरचैट से 31 और गूगल से पांच व व्हाट्सएप से तीन पोस्ट हटाए गए। उल्लेखनीय है कि सात चरण के चुनाव में लोकसभा की 543 सीटों में से 542 सीट पर मतदान हो चुका है। लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ और सात राज्यों की 59 सीटों पर शाम सात बजे तक मत प्रतिशत 61.85 पर पहुंच गया।

हालांकि, पिछले छह चरण की तुलना में मतदान का यह सबसे कम प्रतिशत है। पिछले छह चरण के मतदान संबंधी आंकड़ों के मुताबिक पहले दो चरण में मतदान का स्तर सर्वाधिक था। पहले चरण में 69.61 प्रतिशत और दूसरे में 69.44 प्रतिशत मतदान हुआ।

इसके बाद के प्रत्येक चरण में मत प्रतिशत घटने का सिलसिला सातवें चरण तक जारी रहा। सिन्हा ने बताया कि तीसरे चरण में 68.4 प्रतिशत, चौथे में 65.5 प्रतिशत, पांचवें में 64.16 प्रतिशत और छठे चरण में 64.4 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले छह चरण में शामिल लोकसभा की 483 सीटों पर मतदान का कुल स्तर 67.37 प्रतिशत रहा। यह 2014 के चुनाव में की तुलना में 1.21 प्रतिशत ज्यादा है।

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