हरयाणा में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना का चश्मदीद सामने आया

0

हरयाणा के मुरथल में जाट प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर दर्जनों महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में सनसनीखेज़ खुलासा सामने आया है ।

शनिवार को पहली बार किसी चश्मदीद इस ने घटना की पुष्टि की ।

सुखविंदर नामी ट्रक ड्राइवर का कहना है कि वह 20 फ़रवरी की दोपहर उसी जगह था समय जब उसने लगभग 150 लोगों की उग्र भीड़ को तकरीबन 50 महिलाओं को खेतों में ले जाते दिखा ।

लेकिन सुखविंदर ने कहा कि उसने उन महिलाओं के साथ दुष्कर्म होते नहीं देखा ।

20 फ़रवरी को आरक्षण के मुद्दे पर जाटों द्वारा हिंसक प्रदर्शन के दौरान ये खबर आई कि उग्र भीड़ ने मुरथल में दिल्ली जा रही 10 महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया था ।

इन महिलाओं के साथ बलात्कार के बाद भीड़ ने उन्हें खेतों में ही छोड़ दिया था ।

टीवी चैनलों पर पीड़ित महिलाओं के undergarments खेतों में और सड़कों पर पड़े देखे गए ।

इस घटना ने पुरे देश में सनसनी फैला दी है और भाजपा शासित मनोहर लाल खट्टर सरकार के महिलाओं की सुरक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है ।

2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क़ानून व्यवस्था को चुस्त दरुस्त करने के वादों के साथ लोगों से वोट मांगा था । अपनी चुनावी मुहीम का आगाज़ करते हुए मोदी ने करनाल में कहा था कि अगर हरयाणा में जंगल राज को समाप्त करना है तो पुलिस को हमारे कंट्रोल में दे दीजिये, चूँकि पुलिस राज्य सरकर के अधीन होती है इसलिए वह मेरी भी नहीं सुनती है.

आज जब केंद्र और राज्य दोनों में ही भाजपा की सरकार है, हरयाणा में होने वाली हाल की घटना ने मोदी के एक और चुनावी वादे को खोखला साबित कर दिया है ।

LEAVE A REPLY