3700 करोड़ रुपये का आॅनलाइन घोटाला करने वाला अनुभव मित्तल गिरफ्तार, नोएडा से चला रहा था फर्जी सोशल ट्रेडिंग कम्पनी

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स्पेशल टास्क फोर्स ने डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर करीब 3700 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया है। यह कंपनी सोशल ट्रेड के नाम से चलाई जा रही थी। कंपनी के नेटवर्क में देशभर के करीब 7 लाख लोगों ने इनवेस्ट किया था। अब तक की जांच में यह घोटाला 3700 करोड़ से ज्यादा का है। एसटीएफ ने इस ठग रैकेट के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही कंपनी का बैंक अकाउंट भी एसटीएफ ने सीज करा दिया है, जिसमें करीब 550 करोड़ की धनराशि जमा है।

एसटीएफ ने गाजियाबाद और हापुड़ में भी छापेमारी की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशनगंज पिलखुआ के रहने वाले अनुभव मित्तल (निदेशक), विशाखापत्तनम निवासी श्रीधर प्रसाद (सीईओ) और मथुरा के कमई बरसाना निवासी महेश दयाल (टेक्निकल हेड) के रूप में हुई।

एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि एब्लेज इंफो सॉल्यूशंस नाम की कंपनी सेक्टर-63 में अपना ऑफिस है और इस कंपनी ने निवेशकों से मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिए डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर एक बड़ी ठगी को अंजाम दिया है।

कंपनी के एमडी अनुभव मित्तल ने socialtrade.biz नाम के पोर्टल की शुरूआत की। नेटवर्क में जुड़ने के लिए किसी शख्स को 5750 रुपये से लेकर 57,500 रुपये के बीच में कंपनी के अकाउंट में जमा करना होता था। इसके बाद इस रकम के बदले वह हर सदस्य को हर क्लिक पर 5 रुपये घर बैठे मिलता था।

स्कीम के तहत हर सदस्य को अपने नीचे 2 और लोगों को जोड़ना था जिस के बाद सदस्य को अतिरिक्त पैसे मिलते थे।प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए ये कंपनी वर्चूअल वर्ल्ड में लगातार नाम बदल रही थी। कंपनी ने सबसे पहले अपने इनवेस्टर्स को socialtrade.biz फिर freehub.com, इसके बाद intmaart.com से frenzzup.com और फिर 3W.com पर शिफ्ट कर लिया और घोटाला करती रही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी हर लिंक को लाइक करने के मेहनताने के रूप में अपने सदस्य को पांच रुपये का भुगतान करती थी। उदाहरणत: किसी सदस्य ने यदि 57500 रुपये की सदस्यता ली है तो कंपनी उसे रोजाना 125 लिंक देती थी।

Photo: Hindustan

इसके बाद यदि कोई सदस्य अपने नीचे दो सदस्य इतनी ही धनराशि देकर बनवाता था तो उसके लिंक दो गुने यानी रोजाना 250 के हो जाते थे। इतने लिंक लाइक करने पर रोजाना पांच रुपये के हिसाब से 1250 रुपये का भुगतान बनता था लेकिन कंपनी एडमिन चार्ज और टीडीएस काटने के बाद सदस्य के खाते में 1060 रुपये का भुगतान करती थी।

खास बात यह है कि इस कंपनी के मकड़जाल में आम आदमी से लेकर पेशेवर वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट, व्यापारी और डॉक्टर तक शामिल हैं। कंपनी के निदेशक अनुभव मित्तल का कहना है कि उन्होंने कोई घपला नहीं किया है। सारा हिसाब-किताब ऑनलाइन रिकॉर्ड में है और उनके इस लेन-देन का पूरा टैक्स सरकार को भरा जाता है।

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