मुजफ्फरपुर रेप कांड: बालिका गृह में 29 नहीं, 34 नाबालिग लड़कियों के साथ हुआ दुष्कर्म

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बिहार के मुजफ्फरपुर के एक ‘बालिका गृह’ नाम के नारी निकेतन में मासूम बच्चियों के साथ यौन शोषण के आरोपों ने तूफान मचा दिया है। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष के भारी दवाब के बाद बिहार सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच का फैसला लिया है। इस मामले में लड़कियों की दुख भरी दास्तां ज्यों-ज्यों सामने आ रही है, वैसे-वैसे और बड़े खुलासे भी होते जा रहे हैं। वहीं अब बताया जा रहा है कि इस बालिका गृह में 34 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ, इससे पहले यह आंकड़ा 29 बताया जा रहा था।

प्रतीकात्मक तस्वीर: HT

NBT में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने शनिवार(28 जुलाई) को कहा, ‘शेल्टर होम की 29 नहीं बल्कि 34 लड़कियों के साथ रेप किया गया है।’ बता दें कि पिछले सप्ताह करीब 42 लड़कियों का मेडिकल परीक्षण किया गया था जिसमें 29 के साथ रेप की पुष्टि हुई थी। ताजा मेडिकल रिपोर्ट में कुल 34 लड़कियों के साथ रेप की पुष्टि हुई है।

बिहार सरकार ने इस मामले में एक मंत्री के पति का नाम सामने आने और विपक्ष के लगातार बढ़ते दबाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि जिन पर बच्चियों के साथ रेप के आरोप हैं उनको राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में लड़कियों ने बताया है कि शेल्टर होम में जब वे विरोध करती थीं तो उन्हें मारा-पीटा और धमकाया जाता था। कुछ लड़कियों ने यह भी दावा किया कि एक नाबालिग लड़की ने विरोध किया तो उसे इतना पीटा गया कि वह मर गई। उन्होंने बताया कि लड़की की हत्या कर उसके शव को शेल्टर होम परिसर में ही दफना दिया गया। पुलिस ने परिसर में खुदाई भी की लेकिन उसे कोई शव नहीं मिला है।

“आरोप सिद्ध होने पर मंत्री पद से दे देंगे इस्तीफा”

बालिका आश्रय गृह में 29 बच्चियों से रेप मामले में लग रहे आरोपों को बिहार के दोनों मंत्रियों ने आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया। समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने गुरुवार को कहा कि अगर आरोप सिद्ध हुए तो वे मंत्रीपद से इस्तीफा दे देंगे। समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में अपने पति चंद्रशेखर वर्मा पर मुजफ्फरपुर बालिका गृह के सीपीओ रवि कुमार रौशन की पत्नी के आरोपों का खंडन किया।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक मंजू ने आरोप लगाया कि वह पिछड़ी और कमजोर जाति (कुशवाहा समुदाय) से हैं इसलिए उनके पति को मोहरा बनाया गया है। बता दें कि जेल में बंद सीपीओ रवि की पत्नी ने मंजू वर्मा के पति पर बालिका गृह में अपने साथ जाने वाले अधिकारियों को बाहर छोड़कर उसके भीतर जाने का आरोप लगाते हुए बताया था कि वहां की लडकियां उन्हें नेता जी के तौर जानती थीं।

विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मंजू वर्मा को बर्खास्त करने की मांग की थी। मंजू वर्मा ने कहा कि बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के दौरे के बाद साजिश के तहत आरोपी की पत्नी को उनके पति पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए उकसाया गया। उधर, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर पलटवार किया।

सुरेश शर्मा ने मीडिया से कहा कि वह उन्हें चुनौती देते हैं कि अगर इस मामले में उनकी कहीं से भी कोई संलिप्तता साबित कर देते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही चुनौती दी कि आरोप साबित नहीं होने पर तेजस्वी प्रतिपक्ष के नेता और विधायक पद से इस्तीफा दे दें। उन्होंने मानहानि नोटिस भेजने की भी बात कही। दरअसल तेजस्वी प्रसाद यादव ने सुरेश शर्मा का नाम लिए बिना आरोप लगाया था कि इस मामले में बिहार सरकार के एक स्थानीय मंत्री की भी संलिप्तता की चर्चा है जो कि हाल में पश्चिम बंगाल की यात्रा के क्रम में ‘कारनामा’ (एक होटल में मारपीट) किया था।

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