पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका, मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज दो विधायकों ने पार्टी से दिया इस्तीफा

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पंजाब में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पंजाब मंत्रिमंडल फेरबदल में मंत्री नहीं बनाये जाने से नाराज कांग्रेस नेताओं की संख्या बढ़ती जा रही है और इसी क्रम में उसके दो अन्य विधायकों ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया। संगरूर जिले के अमरगढ़ से विधायक सुरजीत सिंह धीमान और फजिल्का के बलुआना से विधायक नत्थू राम ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति (पीपीसीसी) के प्रमुख सुनील जाखड़ को पार्टी के पदों से अपना इस्तीफा सौंप दिया।समाचार एजेंसी भाषा के हवाले से NDTV में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने पार्टी प्रमुख राहुल गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिदंर सिंह के बीच नई दिल्ली में बैठक के बाद शुक्रवार को नौ नए मंत्रियों के नामों पर मुहर लगाई थी। उनके शपथ ग्रहण से कुछ देर पहले ही विधायकों ने पार्टी पदों से इस्तीफा दिया। इससे पहले कांग्रेस विधायक संगत सिंह गिलजियां ने इस मुद्दे पर अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) और पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष पद से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था।

नत्थू राम ने पीपीसीसी महासचिव पद से इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा दलित समुदाय की उपेक्षा के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। वहीं, सुरजीत सिंह धीमान के पीपीसीसी के उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र की घोषणा उनके बेटे जसविंदर धीमान ने की। राम दलित समाज से आते हैं जबकि सुरजीत पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दो बार के विधायक राम ने न्यूज एजेंसी भाषा से कहा, ‘मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद नहीं दिये जाने से दलित अपमानित महसूस कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि, ‘पंजाब में दलितों की आबादी 34 फीसदी है और अगर हम इस आंकड़े पर गौर करें तो मंत्रिमंडल में कम-से-कम पांच दलित मंत्री होने चाहिएं।’

सुरजीत के बेटे ने कहा कि कि पार्टी ने पिछड़े वर्गों की ‘उपेक्षा’ की है। मुख्यमंत्री सिंह ने हालांकि नये मंत्रियों के चयन में किसी तरह के ‘अन्याय’ से इनकार किया। सिंह ने कहा कि सभी धड़े और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है और मुख्य रूप से वरिष्ठता का ख्याल रखा गया है।

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