15 वर्षीय दोषियों को भी मृत्युदंड दिया जाए

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दुष्कर्म का दोषी अगर 15 साल का नाबालिग है, तो उसे भी मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। केजरीवाल ने यह घोषणा दिल्ली में महिला सुरक्षा विशेषकर हालिया दुष्कर्म मामलों पर विचार-विमर्श करने के लिए रखी गई मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक के बाद कही।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “ऐसे (जघन्य अपराधों) मामलों में 15 साल से ज्यादा उम्र के दोषी को मृत्युदंड या आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए।”

केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए तय अवधि में जांच करने और मामलों को फास्ट ट्रैक अदालतों में देने की जरूरत है।”

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले सप्ताह 24 घंटों के दौरान दो बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए। एक बच्ची ढाई साल और दूसरी पांच साल की है। पुलिस ने ढाई वर्षीया बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी उम्र 17 साल के आसपास है।

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केजरीवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए दिल्ली में और फास्ट ट्रैक अदालतें होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने के बारे में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श किया जाएगा और उनकी सरकार इसे साकार करने में हरसंभव मदद देगी।

केजरीवाल ने कहा, “सरकार फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने की दिशा में धनराशि आवंटित करने के लिए तैयार है। हम दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की मदद लेंगे।”

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उन्होंने कहा, “हमें कई और न्यायालय बनाने की जरूरत होगी। हमें कानूनी प्रक्रिया तेज करने की जरूरत है। हमारे पास राजनीतिक इच्छाशक्ति है। इस काम में जितनी भी धनराशि या स्टाफ की जरूरत होगी, हम उपलब्ध कराएंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध विशेषकर दुष्कर्म बढ़ने की एक मुख्य वजह बदमाशों के दिलों में कानून का खौफ न होना है।

केजरीवाल ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि सारे बुरे लोग दिल्ली में ही रहते हैं और कोलकाता, न्यूयॉर्क, लंदन या वाराणसी जैसी जगहों पर रहने वाले लोग साधु-संत हैं। फर्क बस इतना है कि दिल्ली में कानून का डर नहीं है।”

मई में लोकसभा ने किशोर न्याय अधिनियम में संशोधन के लिए एक विधेयक पारित किया था, जिसके तहत दुष्कर्म व हत्या जैसे अपराधों में 16 या उससे ज्यादा उम्र के नाबालिगों के साथ वयस्कों जैसा बर्ताव करने का प्रावधान है।

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केजरीवाल ने इस उम्रसीमा को कम करके 15 साल करने का सुझाव दिया है।

केजरीवाल की ओर से यह बयान दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन करने की उनकी मांग के एक दिन बाद आया है। दुष्कर्म व अन्य अपराधों में वृद्धि पर चिंता प्रकट करते हुए केजरीवाल ने मांग की है कि केंद्र सरकार सिर्फ एक साल के लिए दिल्ली पुलिस दिल्ली सरकार को सौंपकर देखे।

दिल्ली पुलिस इस वक्त दिल्ली सरकार को नहीं, बल्कि उपराज्यपाल नजीब जंग और केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है।

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