बागपत: पुलिस के रवैये से परेशान एक ही मुस्लिम परिवार के 13 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, मुस्लिम से हिंदू बने शख्स ने कहा- ‘मोदी जी के भारत में मुसलमानों के साथ सही व्‍यवहार नहीं होता’

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उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस की कार्यप्रणाली और हत्या के मामले में सही जांच न होने से क्षुब्ध एक मुस्लिम परिवार के 13 लोगों ने कथित तौर पर हिंदू धर्म अपना लिया है। बताया जा रहा है कि परिवार के एक सदस्य की हत्या के मामले में पुलिस के रवैये से परेशान होकर अन्य सदस्यों ने यह कदम उठाया है। हिंदू नामकरण होने के साथ ही इन सभी ने भगवान शिव जी का जलाभिषेक भी किया।

PHOTO: TOI

इस संबंध ने परिवार के लोगों ने जिले के एसडीएम को शपथ पत्र भी सौंपे हैं। बागपत के जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने जनता का रिपोर्टर से बातचीत में इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि सभी सदस्यों ने स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि बड़ौत तहसील में कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन के शपथ पत्र दिए हैं।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में अख्‍तर अली से धर्म सिंह बने परिवार के सदस्‍य ने कहा कि मेरा नाम अख्तर अली था, मैंने अपना धर्म बदल लिया है, क्‍योंकि पुलिस हमारे मामले की जांच सही तरीके से नहीं कर रही थी। इतना ही नहीं मुस्लिम समुदाय भी उनके समर्थन में खड़ा नहीं हुआ। उन्‍होंने कहा कि मोदी जी के भारत में मुस्लिमों के साथ सहीं व्‍यवहार नहीं होता है। मुझे न्‍याय चाहिए।

जिलाधिकारी ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया है कि पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर मुस्लिम परिवार ने हिंदू धर्म अपना लिया। वहीं, एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने भी ‘जनता का रिपोर्टर’ से फोन पर बातचीत में परिवार के आरोपों को खारिज कर दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह इस मामले की जांच करा रहे हैं।

हिंदू युवा वाहिनी (भारत) की देखरेख में मंगलवार को धर्मगुरु ने हवन कराकर 13 लोगों को विधिवत रूप से हिंदू धर्म स्वीकार कराया। धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों ने एसडीएम को इस संबंध में शपथपत्र भी सौंपे है। सोमवार को अख्तर परिवार के साथ तहसील पहुंचे और एसडीएम को शपथ पत्र दिया। शपथ पत्र में उसने कहा है कि उसके परिवार के सभी अपनी मर्जी से हिंदू धर्म स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने अपने नाम भी बदल लिए हैं।

क्या है परिवार का आरोप?

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, छपरौली थाने के बदरखा निवासी अख्तर अली पिछले छह-सात माह से बागपत कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव के खुब्बीपुरा मोहल्ला में रह रहे हैं। अख्तर अली का आरोप है कि 28 जुलाई 2018 को उसने 28 वर्षीय बेटे गुलहसन की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव फांसी पर लटका दिया गया था। बार-बार गुहार के बावजूद पुलिस ने भी इसे आत्महत्या मान लिया। बागपत कोतवाली पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिला।

अख्तर अली ने कहा कि मैंने कई बार पुलिस से संपर्क किया और हमारे पक्ष के सदस्यों से गवाही लेने के लिए अनुरोध किया, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने अपनी स्वेच्छा से एसडीएम को शपथ पत्र देकर हिंदू धर्म स्वीकार की है।

मंगलवार को बदरखा के शिव मंदिर में उनका नामकरण संस्कार हुआ। वहां पर अख्तर समेत उनके परिवार के 13 लोगों ने हिंदू रिति रिवाज के अनुसार विधिवत रूप से हिंदू धर्म स्वीकर किया। बदरखा गांव में हवन और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। इसमें विधि-विधान के साथ मुस्लिम परिवार के 13 लोंगो ने हिंदू धर्म स्वीकार किया।

 

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