गुजरात चुनाव: इन 11 सीटों पर मामूली अंतर से BJP प्रत्याशियों को मिली जीत, अगर यहां कांग्रेस और बढ़िया तरीके से फोकस करती तो शायद परिणाम कुछ और होता

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गुजरात विधानसभा चुनावों में एक बार फिर ‘ब्रांड मोदी’ का असर दिखा। इसकी बदौलत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गुजरात में अपनी सरकार बचाने में सफल रही है। गुजरात की 182 सीटों में से बीजेपी को 99 पर जीत मिली है। जबकि कांग्रेस ने सहयोगी दलों के साथ यहां 80 सीटें जीती हैं। बीजेपी लगातार छठी बार गुजरात में सरकार बनाएगी।कांग्रेस बहुमत से भले ही काफी पीछे है लेकिन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के सघन प्रचार अभियान और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के साथ से कांग्रेस को फायदा मिला है। वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 182 सीटों वाली सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 115, कांग्रेस को 61 और अन्य दलों को छह सीटों पर जीत मिली थी।

भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात में बेशक सत्ता पर काबिज बने रहने में जरूर सफलता हासिल कर ली है, लेकिन वह मेहसाणा जिले की दो विधानसभा सीटों में कांग्रेस के हाथों हार गई है, जिनमें से एक उंझा विधानसभा भी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर वडनगर शामिल है।

पीएम मोदी वडनगर में ही पले-बढ़े थे। वडनगर, ऊंझा विधानसभा क्षेत्र में आता है। उंझा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार आशा पटेल ने बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक नारायण पटेल को 19,529 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दिग्गज नेता पटेल (79 वर्ष) ने 40 वर्षीय आशा पटेल को हराया था।

वडनगर में पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों ने ही रैलियां की थीं। इसके अलावा गुजरात की मौजूदा बीजेपी सरकार के पांच मंत्रियों को इन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें कांग्रेस उम्मीदवारों ने मात दी है। हारने वाले पांच मंत्रियों में आत्माराम परमार और चिमनभाई सपरिया जैसे कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।

हारते-हारते बचे BJP के 11 प्रत्याशी

गुजरात के विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने के दौरान कई सीटों पर बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली है। भले ही बीजेपी को सत्ता का शिखर मिला है लेकिन कई ऐसी सीटें भी हैं जहां उनके उम्मीदवारों ने 1000 से कम वोटों से जीत हासिल की है। परिणाम पर गहराई से गौर किया जाए तो 11 सीटें ऐसी हैं जिस पर बीजेपी प्रत्याशियों ने 3 हजार से कम वोटों से जीत हासिल की।

अगर इन 11 सीटों पर कांग्रेस पार्टी चुनाव से पहले और बढ़िया तरीके से फोकस करती तो शायद परिणाम कुछ और होता। क्योंकि बीजेपी के खाते में 99 सीटें गई, जबकि कांग्रेस 80 तक पहुंच गई है। अगर इन 10 सीटों पर कोई उलटफेर होता तो कांग्रेस सत्ता तक पहुंच सकती थी। हम आपको इन 11 सीटों के बारे में बता रह‍े हैं।

  • बोटाद सीट पर बीजेपी के सौरभ पटेल (दलाल) मात्र 906 वोट से जीत गए। यहां सौरभ पटेल को 79623 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के कठथीया धीरजलाल माधवजीभाई (डी.एम.पटेल) को 78717 वोट मिले।
  • डभोई में बीजेपी के शैलेशभाई कन्हैयालाल मेहता 2839 वोट से जीत दर्ज की है। कन्हैयालाल मेहता को 77945 वोट मिला है, जबकि कांग्रेस के सिद्धार्थभाई चिमनभाई पटेल को 75106 वोट मिले हैं।
  • धोलका में बीजेपी के भूपेंद्रसिंह मनुभा चुडासमा 327 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की है। भूपेंद्रसिंह 71530 वोट के मुकाबले कांग्रेस के अश्विनभाई कमसुभाई को 71203 मत मिले।
  • फतेपुरा सीट पर बीजेपी के कटारा रमेशभाई भूरा भाई 2711 वोट से जीत दर्ज की। बीजेपी के कटारा रमेश भाई भूरा को जहां 60250 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के मच्छर रघुभाई दिताभाई को 57539 वोट मिले।
  • गारियाधार सीट से BJP के नाकराणी केशुभाई हिरजीभाई को जीत मिली। जीत का अंतर सिर्फ 1876 वोट रहा। कांग्रेस के खेनी परेशभाई मनजीभाई के 48759 वोट के मुकाबले हिरजीभाई ने 50635 वोट पाकर जीत हासिल की।
  • गोधरा सीट कांग्रेस के हिस्से आते आते रह गया। सिर्फ 258 वोटों ने इस सीट पर नतीजा तय हुआ। बीजेपी के सी. के. राउलजी को जहां 75149 वोट मिले तो कांग्रेस के परमार राजेंद्रसिंह बलवंतसिंह को 74891 वोट मिले।
  • हिमतनगर में बीजेपी के राजेंद्रसिंह रणजीतसिंह चावड़ा कांग्रेस के कमलेशकुमार जयंतिभाई पटेल को 1712 वोट से हराया। बीजेपी के राजेंद्रसिंह को जहां 94340 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के कमलेश कुमार को 92628 वोट मिले।
  • खंभात सीट पर भी जीत हार का अंतर सिर्फ 2318 वोट का रहा। यहां बीजेपी के महेशकुमार कन्हैयालाल रावल को 71459 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के पटेल खूशमनभाई शांतिलाल को 69141 वोट मिले।
  • मातर सीट पर बीजेपी के केसरसिंह सोलंकी मात्र 2406 वोट से जीत गए। यहां केसरसिंह को 81509 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के पटेल संजयभाई हरीभाई को को 79103 वोट मिले।
  • पोरबंदर सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी बाबूभाई भीमाभाई बोखिरिया 1855 वोट से जीत दर्ज की है। बोखिरिया को जहां 72430 वोट मिला है, वहीं कांग्रेस के अर्जुन भाई देवाभाई मोढवाडिया को 70575 वोट हासिल हुए।
  • वागरा सीट पर बीजेपी के अरुणसिंह अजीतसिंह रणा ने जीत हासिल की। यहां भी जीत का अंतर सिर्फ 2628 वोट का रहा। अजीतसिंह रणा को 72331 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के सुलेमानभाई मुसाभाइ को 69703 वोट मिले।

 

 

 

 

 

 

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