कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी कांग्रेस के सामने आया बड़ा संकट, 15 से 10 विधायकों ने छोड़ी पार्टी, सत्तारूढ़ BJP में हुए शामिल

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कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी कांग्रेस के सामने बड़ा संकट मंडराता नजर आ रहा है। गोवा में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के बावजूद सरकार बनाने में नाकाम रही कांग्रेस को उस वक्त बुधवार को बड़ा झटका लगा जब 15 में से उसके 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और एक अलग समूह बनाकर वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। ऐसी स्थिति में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आने वाली कांग्रेस पार्टी में अब सिर्फ पांच विधायक ही रह गए हैं।

गुरुवार को राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में 10 कांग्रेस विधायकों ने आधिकारिक तौर पर भगवा पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि गोवा में अभी भाजपा की सरकार है। राज्य की 40 सदस्यों वाली विधानसभा में से अब भाजपा के 27 विधायक हो गए हैं। विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में इन विधायकों ने बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपा था।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि विपक्षी नेता समेत जिन 10 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी है वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। अब बीजेपी की गोवा विधानसभा में कुल संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वे राज्य और विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए आए। उन्होंने इसके लिए कोई शर्त नहीं रखी है। उन सभी ने बिना किसी शर्त के भाजपा ज्वाइन किया है।

नेता विपक्ष चन्द्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में विधायकों का समूह बुधवार शाम विधानसभा अध्यक्ष से मिला और उन्हें कांग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी देते हुए एक पत्र सौंपा। इन विधायकों में अतानासियो मोन्सेराते, जेनिफर मोन्सेराते, फ्रांसिस सिल्वेरा, फिलिप नेरी रॉड्रिग्स, सी डियाज, विल्फ्रेड डीसा, नीलकांत हलारंकार और इसिडोर फर्नांडीज शामिल हैं।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत शाम करीब 7.30 बजे विधायकों के विधानसभा परिसर पहुंचने से पहले वहां मौजूद थे। इसके अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष माइकल लोबो भी वहीं पर थे। कांग्रेस के 10 विधायकों के पाला बदलने के बाद अब विधानसभा में उसके पास सिर्फ पांच विधायक बचे हैं।

विधानसभा में भाजपा के सबसे ज्यादा 17, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन, तीन निर्दलीय विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तथा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) का एक-एक विधायक हैं। कावलेकर ने इस कदम का कारण पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह शाम को इस पर बयान देंगे।

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