हैदराबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद और राज्य के अन्य हिस्सों में धार्मिक श्रद्धा और परंपरागत हर्षोल्लास के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस मौके पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। खम्मम और मेडक जिलों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई।

खम्मम में विसर्जन के दौरान दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। मेडक में नौ साल का बच्चा उस ट्रक से गिर गया जिससे प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। उसकी मौत हो गई।

राज्य के पुलिस महानिदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में हुआ।

गणेशोत्सव के आखिरी दिन आज (रविवार को) हजारों की संख्या में वाहन गणेश प्रतिमाओं के साथ हैदराबाद स्थित हुसैन सागर झील पहुंचे।

बालापुर से विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस पुराने शहर के सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील इलाकों से भी गुजरा। जुलूस की शुरुआत से पहले परंपरागत ‘लड्डू’ की नीलामी हुई जिसे मदन मोहन रेड्डी नाम के भक्त ने 10.32 लाख में खरीदा।

तेलंगाना के गृह मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस जुलूस का हवाई सर्वेक्षण किया।

खैरताबाद की सबसे ऊंची प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। 59 फीट ऊंची इस गणेश प्रतिमा के हाथ में 6000 किलो का ‘लड्डू’ था।

पुलिस ने बताया कि शहर में कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। चारमीनार के पास स्थित मक्का मस्जिद में दोपहर की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। 

हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस कमिश्नरियों में केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों समेत करीब 30000 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। पड़ोसी आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी सुरक्षाबलों को बुलाया गया है। 2500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।

विसर्जन और ईद-उल-अजहा का तीसरा और अंतिम दिन एक साथ पड़ने की वजह से प्रशासन ने खास एहतियात बरती।

लाखों लोगों ने प्रतिमा विसर्जन में हिस्सा लिया। इस वजह से शहर में ट्रैफिक ठहर गया। 

मुख्य जुलूस 25 किलोमीटर लंबा इलाका तय कर हुसैन सागर झील पहुंचा। इस जुलूस में शहर के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले 21 और जुलूस जुड़े। झील में 50 क्रेन की मदद से प्रतिमा विसर्जन किया गया।

संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने एम.जे. मार्केट चौराहे पर एक जुलूस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव जाति-धर्म की सीमाओं से परे जाकर लोगों को एक सूत्र में पिरोता है।

शहर की 20 और झीलों में भी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का इंतजाम किया गया था।

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