स्वर्ण मंदिर में दीवाली पर नहीं होगी आतिशबाजी

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पंजाब के पवित्र सिख तीर्थस्थल हरमंदिर साहिब यानी स्वर्ण मंदिर में इस वर्ष दीवाली के अवसर पर रोशनी नहीं की जाएगी। यह फैसला सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के मद्देनजर लिया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने मंगलवार को बताया, “पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं के कारण हमने इस वर्ष दीवाली नहीं मनाने का फैसला किया है।”

सिंह ने कहा कि स्वर्ण मंदिर में रोशनी नहीं की जाएगी और आतिशबाजी भी नहीं की जाएगी।

अमृतसर स्थित एसजीपीसी पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में सिख धर्म स्थलों को नियंत्रित करती है।

एसजीपीसी ने सिखों से दीवाली को आतिशबाजी के साथ न मनाने और केवल मिट्टी के दीप जलाने का अनुरोध किया है।

सिख धर्म में दीवाली को ‘बंदी छोर दिवस’ (प्रिजनर लिबरेशन डे) के रूप में भी मनाया जाता है और हर दीवाली पर स्वर्ण मंदिर में लाखों लाइटों से रोशनी की जाती है।

30 वर्षो में यह तीसरी बार है जब स्वर्ण मंदिर में दीवाली उत्सव नहीं मनाया जाएगा।

इससे पूर्व 1984 में स्वर्ण मंदिर में घुसे आतंकियों को खदेड़ने के लिए की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ के विरोध में भी स्वर्ण मंदिर को रोशन नहीं किया गया था।

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