साप्ताहिक समीक्षाः सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट

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देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 2.32 फीसदी यानी 593.68 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 25,044.43 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.20 फीसदी यानी 171.45 अंकों की गिरावट के साथ 7,610.45 पर बंद हुआ।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सात में तेजी रही। टीसीएस (2.45 फीसदी), एनटीपीसी (1.45 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.69 फीसदी), इंफोसिस (0.43 फीसदी) और एचडीएफसी (0.32 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे वेदांता (9.00 फीसदी), कोल इंडिया (8.18 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (7.20 फीसदी), भारतीय स्टेट बैंक (5.75 फीसदी) और टाटा मोटर्स (5.49 फीसदी)।

गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी करीब तीन फीसदी गिरावट रही।। मिडकैप 3.28 फीसदी या 359.09 अंकों की गिरावट के साथ 10,576.02 पर और स्मॉलकैप 2.98 फीसदी या 344.34 अंकों की गिरावट के साथ 11,213.18 पर बंद हुआ।

वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को देश के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर रखते हुए मौजूदा वित्तवर्ष में विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि आर्थिक माहौल में सुधार के बाद भी इसमें कमजोरी बनी रहेगी। वित्तवर्ष 2016-17 के लिए फिच ने आठ फीसदी विकास दर का अनुमान जताया है।

एजेंसी ने देश को बीबीबी नकारात्मक रेटिंग दे रखी है।

फिच ने कहा कि सरकार संरचनागत सुधार के पथ पर भले ही आगे बढ़ रही है, लेकिन उसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे बड़े सुधार करने में राज्यसभा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

महंगाई के मोर्चे पर फिच ने कहा कि देश की महंगाई दर गत पांच वर्षो में औसत 7.9 फीसदी रही है, जबकि भारत के समान रेटिंग वाले कई अन्य देशों में औसत महंगाई दर 3.3 फीसदी रही है।

फिच ने हालांकि कहा कि बाहरी झटकों से भारत बेअसर नहीं रह सकता है, लेकिन कम चालू खाता घाटा और बेहतर विदेशी पूंजी भंडार से यह झटके झेल पाने में दूसरों से अधिक सक्षम है।

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