मध्य प्रदेश पुलिस हस्तरेखा देखकर देखकर अपराधिक मामलों को सुलझाए: बाबूलाल गौर

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बीजेपी शासन में राष्ट्रवाद की नयी परिभाषा के तहत अब पुलिस और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को लेना पड़ सकता है बाबा और संत लोगों से हस्तरेखा शास्त्र का ज्ञान। ऐसा कहना है अक्सर विवादित बयानबाजी करने वाले मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर का।
राजधानी के पुलिस हेडक्वार्टर में आयोजित आॅल इण्डिया काॅन्फे्रस आॅफ डायरेक्टर फिंगरप्रिंट की कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए बाबूलाल गौर ने कहा कि पुलिस और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को संतो से हस्तरेखा और मस्तक पढ़ने की कला सीखनी चाहिए। और इसके लिये यदी आवश्यकता पड़े तो अध्यात्मिक शाक्ति सम्पन लोगों की एक बैठक भी बुलाई जानी चाहिए।

इस मौके पर बाबूलाल गौर ने आगे बोलते हुए कहा कि पुलिस को फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल केवल अपराधियों को पकड़ने के लिये नहीं करना चाहिए बल्कि ऐसा भी कुछ काम करना चाहिए जिससे आम आदमी को लाभ मिल सके।
इसी मौके पर माननीय नेता जी ने बाबा रामदेव की तुलना स्वामी विवेकानंद से कर डाली और कहा कि घास-फूस और मिट्टी से बीमारियों को दूर करने वाले बाबा रामदेव के पास स्वामी विवेकानंद जैसी आध्यात्मिक शक्ति है। बाबा जी भले ही करोड़ो रूपये का व्यापार कर रहे हो लेकिन वे बहुत ही साधारण आदमी है।

तो अगर आपको अब कही किसी सड़क पर कोई पुलिस वाला रोक ले और हाथ देखकर आपकी कुंडली बाचनें लगे तो घबराइयेगा नहीं आप मान लिजियेगा कि बाबू लाल गौर जी की सलाह पर पुलिस ने काम करना शुरू कर दिया है।

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