बारिश, बाढ़ से बदहाल चेन्नई में आधा लीटर दूध 100 रुपये में

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बरसात और बाढ़ की आपदा झेल रहे चेन्नई में शुक्रवार तक भी बाढ़ की स्थिति जारी रहने के कारण यहां के निवासियों के लिए कई प्रकार की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

दवाओं, खाने की सामग्री से लेकर पीने के पानी की कमी से जूझ रहे चेन्नईवासी जरूरी दस्तावेज खो जाने की भी शिकायत कर रहे हैं। यहां आधा लीटर दूध खरीदने के लिए लोगों कों 100 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।

शहर भर में सड़कों के जलमग्न होने के कारण आवाजाही बाधित होने और बिजली आपूर्ति और संचार लाइनें प्रभावित होने के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

निजी क्षेत्र के एक कर्मचारी टी.ई. एन. सिम्हन ने आईएएनएस को बताया कि वह बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में से एक पश्चिमी मम्बलम में रहने वाले अपने रिश्तेदार से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।

सिम्हन ने कहा, “वह नियमित अंतराल पर इंसुलिन का इंजेक्शन लेते हैं। मैं नहीं जानता कि उनके पास यह इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में है या नहीं। मैं उनके पास जाने में असमर्थ हूं।”

इसी प्रकार अशोक स्तंभ के समीप जफ्फर्खनपेट मुहल्ले में सैकड़ों लोग राहत और बचाव का इंतजार कर रहे हैं।

एक अन्य निवासी ने बताया, “वहां मेरा एक मित्र अपनी पत्नी और छोटे से बच्चे के साथ रहता है। उनके घर में पानी भरने के कारण वे अपने मकान के पहले तल पर और फिर पानी और अधिक ऊपर चढ़ने पर दूसरे तल पर चले गए। टेलीफोन सेवाएं बाधित होने के कारण मैं नहीं जानता कि अब वे किस हाल में हैं।”

बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वालों के लिए पीने के पानी और खाने की कमी सबसे बड़ी समस्याएं हैं।

अदयार नदी के पास के मोहल्ले के लक्ष्मण ने कहा, “चारों ओर पानी ही पानी है, लेकिन पीने के पानी की एक बूंद भी नहीं है।”

लक्ष्मण ने कहा, “जरूरी दस्तावेज, पहचान पत्र, राशन कार्ड और बहुत सी अन्य चीजें पानी में बह गई हैं।”

शहर के कई हिस्सों में सैकड़ों वाहन जलमग्न हो गए हैं।

मयलापोर में बुधवार को एक वृद्ध महिला की ठिठुरन के कारण मौत हो गई क्योंकि उसके घर के चारों ओर पानी ही पानी भरा था।

दूध की भी गुरुवार को भारी किल्लत हो गई क्योंकि शहर में इसकी आपूर्ति आम दिनों के मुताबिक नहीं हो पाई। इसी कारण कुछ इलाकों में आधा लीटर दूध खरीदने के लिए भी लोगों कों 100 रुपये चुकाने पड़े।

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