अल्पसंख्यकों की संवेदनशीलता और अधिकारों का सम्मान करें: प्रणब मुखर्जी

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि अल्पसंख्यकों की संवेदनशीलता और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्र में हर किसी के समावेश पर जोर दिया। यहां एशियाटिक सोसायटी में राष्ट्रपति ने ‘इंदिरा गांधी स्मृति व्याख्यान 2013’ के दौरान कहा, “हमें एक ऐसा वातावरण बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए, जहां हर समुदाय खुद को राष्ट्र का हिस्सा महसूस करे।”

राष्ट्रपति ने कहा, “हमें अपने सभी नागरिकों में व्यापक मानवीय दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें शिक्षित करना चाहिए, ताकि वे जाति व सांप्रदाय से ऊपर उठ सकें।”

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता के लिए यह आवश्यक है कि हर नागरिक राष्ट्रीय हित की प्राथमिकता को समझे।

उन्होंने कहा, “कई बार ऐसा होता है कि क्षेत्रीय हित, राष्ट्रीय हितों से आगे निकल जाते हैं। हमें ऐसी किसी भी प्रवृत्ति से सतर्क रहने और उन्हें पनपने देने से रोकने की आवश्यकता है।”

उन्होंने धन और सेवाओं के वितरण में समानता की आवश्यकता पर बल देते हुए नागरिकों से लगातार राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रयासरत रहने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “यदि भारत को विकास की चुनौतियों से पार पाना है और दुनिया में अपने लिए एक सम्मानजनक जगह बनानी है तो तो यह आवश्यक है कि इसके सभी नागरिक उत्पादन बढ़ाने के लिए काम करें।”

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