सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक बार फिर से फटकार लगाई

0
>

हरियाणा सरकार लापरवाही के मामलों में अपना रेकार्ड दर्ज करना चाहती हैं। सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार का भी कोई असर नहीं पड़ता इसलिये कोर्ट ने सरकार को फिर से चेताया है।

हरियाणा की भाजपा सरकार ने एक बार फिर से सूखे पर आधा-अधूरा डेटा कोर्ट के समक्ष पेश किया जिस पर कोर्ट ने कहा कि ये कोई शो नहीं है।

कोर्ट सरकार के ड्रामें को अच्छे से समझ रही है इसलिये दोबारा से फटकार लगाने की जरूरत कोर्ट को हुई, लेकिन इससे हरियाणा की भाजपा सरकार पर कोई फर्क पड़ेगा ये जरूरी नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने 10 राज्यों में पड़े सूखे की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से डेटा की मांग की थी।

Also Read:  वीडियोः खाली एटीएम, छोटी कतारें, ताबड़तोड़ छापे, कहां गए नए नोट?

कोर्ट की इस मांग पर हरियाणा सरकार ने जो जानकारी कोर्ट की उपलब्ध कराई वो पूरी नहीं थी। इस पर कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पुछा कि आपने क्यों अधूरे शपथ पत्र अदालत में दाखिल किए। हमें ये फिर से जांचने होते है, आपने अधूरे हलफनामें प्रस्तुत क्यों किए। इतना ही कोर्ट ने सरकार के नये हलफनामों को सुनने से भी मना कर दिया।

ये दूसरी बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। पिछले हफ्ते कोर्ट ने बेहद कठोर शब्दों में मनोहर लाल खट्टर सरकार को कहा था कि सूखे का ये बेहद गम्भीर मुद्दा हैं, हम उन लोगों के बारें में बात कर रहे है जो मर रहे हैं। ये कोई पयर्टक नहीं हैं। ये कोई पिकनिक नहीं है या कोई हरियाणा रोजवेज। ये सूखे के बारें में है जिससे लोग पीडि़त है और परेशान हैं।

Also Read:  सरकार ने कहा सोशल मीडिया पर जवानों की शिकायत उनके निजी विचार

एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के पूर्व कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव के संगठन स्वराज अभियान की और से दायर 2014-15 में वर्षा के अनुपात और जानकारी के सम्बंध में भी सरकार की लापरवाही सामने आई थी। इस मामले में भारत सरकार की और से पक्ष रखने के लिये सरकार के अधिवक्ता के तौर पर आन्नद जूनियर उपलब्ध नहीं हो सकी थी इसलिये उन्होंने कोर्ट से अगली तारीख की मांग की थी।

Also Read:  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की अगवानी के लिए ट्रैफिक को बाधित किए बिना एयरपोर्ट पहुंचे PM मोदी

तब कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि क्या सरकार (केन्द्र) के पास एक ही अधिवक्ता हैं। “हम लोग बैठे रहते है और घड़ी देखते रहते है, आप बताए हम क्या करे और क्यों? क्या हमारा काम बैठे रहना है और घड़ी देखते रहना हैं। कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।”

सुप्रीम कोर्ट के इतने कड़े रूख के बाद भी भाजपा की हरियाणा सरकार ढीला रवैय्या अपनाए हुए हैं। अब देखना ये होगा कि सरकार की इस लापरवाही पर कोर्ट क्या रूख अपनाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here