सांस्कृतिक राष्ट्वाद का जश्न, ICU में ही गरबा का आयोजन

0

आइये सांस्कृतिक राष्ट्वाद के इस नये जश्न में शामिल होते है। जहां लोगों की जान की कीमत बेहद गैर मामूली होती है और अगर कुछ मूल्यवान है तो वो है छदम् राष्ट्वाद का ढोंग।

पूरे देश में गैर जिम्मेदाराना हरकतों को अंजाम देने वाले लोगों का बोलबाला दिखाई दे रहा है। इसमें सरकारी मशीनरी के लोग जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाकर अपनी स्वामीभक्ति का प्रर्दशन कर रहे है वो ना सिर्फ हमें हैरत में डालता है बल्कि शर्मिन्दा भी करता है।

बिल्कुल ताजा शर्मनाक कारगुजारी अहमदाबाद में सोलो के एक सिविल अस्पताल में देखने को मिली जहां उद्घाटन के अवसर पर ICU में ही मरीजों के बीच ही गरबा डांस का आयोजन किया गया वो भी जाने-अनजाने नहीं बल्कि मीडिया को बुलाकर बाकायदा प्रेस काॅन्फ्रेस का आयोजन कर।

Also Read:  ऑस्ट्रेलिया टीम का मजाक उड़ाने पर क्रिकेटर हरभजन सिंह को डेविड वॉर्नर ने दिया करारा जवाब

health minister nitin patel

ना मरीजों की जान की चिन्ता अस्पताल प्रबन्धन को थी ना ही इस आयोजन में बुलाए गए मंत्री जी को थी। वे सिर्फ सस्ती लोकप्रियता को पाना ही अपना अहम मकसद समझकर इस कार्यक्रम को आयोजित कर रहे थे। अस्पताल के ICU विभाग को अच्छे तरह से किसी शादी के मंडप की तरह से सजाया-धजाया गया था। क्योंकि इसमें शिरकत करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल को आना था उनके स्वागत और खुशामद के लिए ही गरबा डांस का आयोजन यहां के स्टाफ ने रखा था और पूरी तैयारी के साथ इस डांस को पेश किया गया। स्वास्थ्य मंत्री अब इस बात से पल्ला झाड़ कर कह रहे है कि जब वो निकल गए तब इस डांस को पेश किया गया।

Also Read:  देश में कारोबार का माहौल सुधारने के लिए कदम उठाए, ढाई साल में 130 अरब डॉलर का विदेशी निवेश मिला : पीएम मोदी

मतलब मंत्री जी कहना चाह रहे है कि उनके जाने के बाद उनके भूत का स्वागत वहां किया गया वो तो वहां से जा चुके थे, वर्ना उनके सामने ऐसी शर्मनाक हरकत भला हो जाती। आईसीयू की ये डायलेसिज यूनिट है जहां लोग मौत से जिन्दगी के लिये लड़ रहे होते है वहीं पर सभी सीनियर डाॅक्टर्स और अधिकारियों की मौजूदगी में इस तरह की शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया गया। अब जब ये वीडियोे सामने आ गया है तब मंत्री जी सहित सभी अधिकारी अपनी इस करतूत से बच निकलने के रास्ते तलाश कर रहे है और रस्मन विभागीय जांच के आदेश दे कर भागते दिख रहे है। भारी शोर और संगीत के बीच असहाय मरीज सिर्फ देख रहे है कि हो क्या रहा है और सभी डाॅक्टर, नर्सस और कर्मचारी मंत्रीजी की खुशी के लिये मरीजों की जान पर खेल पर गर्व महसूस करते दिख रहे है। देश में पनप रहे इस सांस्कृतिक राष्ट्वाद की कीमत अगर बेगुनाहों और मासूमों की जान चुकाकर दी जाए तो कम ही जानियेगा।

Also Read:  फर्ज़ी निकली गुजरात के हीरा व्यापारी द्वारा 6000 करोड़ रुपये सरेंडर करने वाली खबर

https://www.youtube.com/watch?v=PU0MkXfPOoY

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here