बेंजमिन नेतन्याहू ने मुसलमानों पर डोनाल्ड ट्रम्प के बयान की निंदा की

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन दावेदार डोनाल्ड ट्रम्प के उन बयानों की निंदा की, जिसमें उन्होंने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की बात कही है। ट्रम्प इसी माह के आखिर में इजरायल का दौरा करने वाले हैं।

उन्होंने पेरिस हमलों के मद्देनजर सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि अमेरिकी अधिकारियों को देश में सभी मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगा देनी चाहिए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू मुसलमानों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों की निंदा करते हैं। इजरायल सभी धर्मो का आदर करता है और अपने सभी नागरिकों के अधिकारों का जिम्मा लेता है।”

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बयान में हालांकि यह भी कहा गया है कि इजरायल इस्लामिक चरमपंथ से मुकाबला कर रहा है, जो ईसाई और यहूदी समुदाय के साथ-साथ मुसलमान समुदाय के लोगों को भी निशाना बनाता है।”

ट्रम्प ने बुधवार को ट्विटर पर लिखा था कि वह 2015 खत्म होने से पूर्व इजरायल के दौरे का इंतजार कर रहे हैं। इजरायली संसद के सदस्यों ने इस पर ठंडी प्रतिक्रिया दी। कुछ ने तो उनका दौरा रद्द करने की मांग भी की। लगभग 40 सांसदों ने बुधवार को एक याचिका पर हस्ताक्षर कर ट्रम्प के आगामी दौरे को रद्द करने का अनुरोध किया था।

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याचिका में कहा गया, “जहां दुनिया भर के नेता रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदार की जातीय व अपमानजनक टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं, वहीं नेतन्याहू उनका गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं।”

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याचिका में यह भी कहा गया कि नेतन्याहू और ट्रम्प के बीच होने वाली यह आगामी बैठक इजरायल के लोकतांत्रिक स्वरूप का अपमान है और यहां के मुसलमान नागरिकों को आहत करेगी।

ट्रम्प की यात्रा के बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि आगामी दौरा ट्रम्प की टिप्पणी से दो सप्ताह पूर्व तय किया गया था और यह किसी भी तरह ट्रम्प के बयान को वाजिब नहीं ठहराता।

इजरायल की कुल आबादी का पांचवां हिस्सा मुसलमान हैं।

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