इंसानी खोपड़ी की तरह दिखता है हैलोवीन क्षुद्रग्रह : नासा

0

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि एक असामान्य क्षुद्रग्रह शनिवार यानी हैलोवीन के दिन पृथ्वी के नजदीक से गुजरा , जो दिखने में बिल्कुल एक खोपड़ी की तरह लगता है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्पेस एजेंसी ने कहा कि इस क्षुद्रग्रह का नाम 2015 टीबी145 है, जिसे तीन सप्ताह पहले ही खोजा गया था।

यह शनिवार दोपहर करीब एक बजे पृथ्वी से करीब 4,90,000 किलोमीटर दूरी से गुजरा । इससे पृथ्वी को किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

Also Read:  पंजाब चुनाव: कांग्रेस ने जारी किए आठ और उम्‍मीदवारों के नाम , लेकिन नवजोत सिद्धू का नाम नहीं

हवाई में स्थित नासा के इंफ्रारेड टेलीस्कोप फैसिलिटी (आइआरटीएफ) से वैज्ञानिक 2015 टीबी145 क्षुद्रग्रह पर नजर रखे हुए हैं।

यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन की 305 मीटर एरिसिबो ऑब्जर्वेटरी को मिले रडार इमेज से पता चला कि इसका आकार गोल है और व्यास करीब 600 मीटर है।

नासा मुख्यालय के मुताबिक, आइआरटीएफ का मानना है कि यह एक मृत धूमकेतु हो सकता है, लेकिन रडार इमेज में यह इंसानी खोपड़ी की तरह दिखता है।

यूएस प्लेनेटरी विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक विष्णु रेड्डी ने बताया कि इस उपग्रह का नाम स्पूकी रखा गया है। यह एक काले रंग के उल्का पिंड की तरह दिखता है।

Also Read:  मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की को बलात्कार के डर से पत्थरों से बांधकर रखती है उसकी मां

रेड्डी ने कहा, “शोध के दौरान पता चला कि सूर्य से मिलने वाली रोशनी का करीब छह प्रतिशत हिस्सा यह वापस छोड़ देता है। यह ताजे डामर (एसफाल्ट) की तरह है, जबकि पृथ्वी पर हम सोचते हैं कि यह अंधकारमय है। यह किसी अन्य धूमकेतु से ज्यादा चमकीला है, जो केवल तीन से पांच प्रतिशत प्रकाश परावर्तित करता है।

Also Read:  PM मोदी के रमजानों में बिजली मिलने वाले बयान पर केजरीवाल का पलटवार, बोले- UP में हार रही है बीजेपी

यह देखकर ऐसा लगता है कि उत्पत्ति के अनुसार यह धूमकेतु हो सकता है, परन्तु इस बात के कोई सीधे सुबूत नहीं मिले है, जिसके चलते यह निष्कर्ष निकाला गया है कि यह एक मृत धूमकेतु है।

उपगृह 2015 टीबी145 को पहली बार अक्टूबर 10 में युनिवर्सिटी ऑफ हवाई द्वारा खोजा गया था। अगली बार यह उपग्रह सितंबर 2018 में पृथ्वी के समीप आएगा। उस वक्त यह धरती से करीब 3.8 करोड़ किलोमीटर दूरी से गुजरेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here