आमिर के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

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लघु फिल्म बनाने वाले उल्हास पीआर ने मंगलवार को अभिनेता आमिर खान के देश में “बढ़ती निराशा” के बयान पर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने में दर्ज कराई गई है।

उल्हास ने कहा, “हमारी कुछ बुनियादी जिम्मेदारियां हैं..जो कहती हैं कि हमें राष्ट्र में सौहार्द्र बनाना चाहिए। इसलिए जब हस्तियां इस तरह का बयान देती हैं तो उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि वे किस समाज के बारे में बात कर रहे हैं, जहां लोग भय के माहौल में रह रहे हैं?”

उल्हास ने इससे पहले आमिर के खिलाफ फिल्म ‘पीके’ की रिलीज के बाद भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने फिल्म में पुलिसवालों को “ठुल्ला” कहने को शिकायत का आधार बनाया था।

उल्हास ने कहा, “सेलेब्रिटी को कोई बात कहने से पहले अपनी हैसियत और जिम्मेदारियों के बारे में सोचना चाहिए। अगर वे देश में शांति और खुशहाली नहीं ला सकते तो उन्हें असहिष्णुता और अन्य मुद्दों पर बोलकर लोगों को डराना नहीं चाहिए।”

आमिर ने यहां सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था, “मुझे लगता है कि बीते छह से आठ महीनों के अंदर देश में निराशा बढ़ी है। किरण (आमिर की पत्नी) और मैंने पूरी जिंदगी भारत में बिताई है। मैं घर में था और किरण ने पहली बार पूछा, ‘क्या हमें देश छोड़कर चले जाना चाहिए?’ यह मेरे लिए बहुत बड़ी और डरावनी बात थी।”

आमिर ने कहा कि उनकी पत्नी अपने बच्चे को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा, “यह खतरे की घंटी तो है ही, साथ ही इससे असंतोष और निराशा का भी पता चलता है। ऐसे में आप बहुत हताश महसूस करते हैं। आप सोचते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है।”

आमिर के बयान की भाजपा, अनुपम खेर, परेश रावल, अशोक पंडित ने आलोचना की है। कांग्रेस और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन किया है।

  • Bhagawana Ram Upadhyay

    Jugal Khetan ‏@JugalKhetan 43m43 minutes agoPatna, Bihar
    १८ माह बीते कांग्रेस के किसी बड़े नेता पर भ्रष्टाचार का कोई भी कार्यवाही नहीं करने का नतीजा बी जे पी को भुगतना पड़ रहा है /अनेक हमलो के रूप

  • Bhagawana Ram Upadhyay

    JAGO-JAGO-JAGO

  • Bhagawana Ram Upadhyay

    Achhe Din Memes

    किसी और ने नहीं, प्रधानमंत्री ने कहा था: लोग कहते थे पिछले जन्म में क्या पाप किया था जो हिंदुस्तान में पैदा हुए। चलो छोड़ो, चले जाएं कहीं और। और लोग निकल पड़ते थे। …

    धंधे की बात थी तो दुखी (और शर्मिंदा!) लोगों का देश छोड़ना ठीक था; अब घर में किसी ने बोल भर दिया तो वह हो गया देशद्रोही! गद्दार!

    सही कहते हैं कि सहिष्णुता तो बहुत है हमारे यहाँ; तब आपका कहा भी सुना और अब जो आमिर-किरण को (अशिष्ट वचनों से) पीट रहे हैं, उन्हें भी सुन, देख और सह रहे हैं! और इसे आप अपनी उपलब्धि बताकर इसका श्रेय खुद ले उड़ें, यह भी होने दे रहे हैं!

    via Om Thanvi

  • Bhagawana Ram Upadhyay

    JAGO

  • Bhagawana Ram Upadhyay

    PK