बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ दिल्ली में लेखकों का प्रदर्शन

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देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ करीब 100 लेखकों ने शुक्रवार को यहां शांतिपूर्ण मार्च किया जिसमें देशभर के लेखकों ने हिस्सा लिया।

देशभर से लेखक मंडी हाउस में श्रीराम सेंटर के पास एकत्र हुए और वहां से साहित्य अकादमी तक मार्च किया। उन्होंने विरोधस्वरूप माथे पर काली पट्टियां बांध रखी थी।

लेखकों ने कहा कि उनका यह प्रदर्शन असामाजाकि घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार के आंखें मूंदे रहने के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाने के लिए है। साथ ही वे इस प्रदर्शन के जरिये साहित्यकारों पर बढ़ते हमलों के प्रति अकादमी का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

साहित्य अकादमी की विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई आपात बैठक से ठीक पहले यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन में शामिल एक लेखक ने कहा, “देश में वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है। इन दिनों देश में जो कुछ भी हो रहा है, उससे अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। साहित्य अकादमी को भी सरकार पर दबाव डालना चाहिए और लेखकों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ कानून पारित करने चाहिए।”

देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ विरोध दर्शाते हुए अब तक कई लेखकों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए हैं।

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