स्टार्टअप पर भारत देर से जागा है, मैं भी इसके लिये जिम्मेदार हूं: राष्ट्रपति

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प्रधानमंत्री ने आज अपने स्टार्टअप अभियान की शुरूआत कर दी है। इस अभियान का मकसद भारत में ज़मीनी स्तर पर एंटरप्रन्योरशिप को बढ़ावा देना है। देश और विदेश के कई नामी एंटरप्रन्योर, स्टार्टअप, संस्थापक इस कार्यक्रम में शिरकत कर रहे है।
सरकार का मानना है कि इस तरह के अभियान से वे युवाओं में उद्यमी भावना का विकास कर सकेंगें और देश में एंटरप्रन्योरशिप के लिये माहौल तैयार कर सकेगें। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एक वर्चुअल एक्सिबिशन का अवलोकन किया और उभरते हुए स्टार्टअप्स के साथ परिचर्चा में भाग लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैकों को स्टार्टअप उपक्रम हेतू फडिंग करने के लिये जोर देते हुए कहा कि इससे उद्यमशीलता और रोजगार सृजन के अवसरों मंे बढ़ोत्तरी होगी। कार्यक्रम में सरकार के प्रमुख विभागों की और से क्वेस्चनार सत्र के दौरान विभागों और मंत्रालयों की और से सचिवों द्वारा सवालों के जवाब दिए गए।
मोदी  ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अपने सम्बोधन में इस अभियान की घोषण की थी। स्टार्टअप इंडिया सेलिबे्रशन के इस मौके पर सिलिकाॅन वैली से आए हुए दिग्गजों ने भारत में फडिंग की चुनौतियों और सम्भानाओं पर अपनी बात रखी।
दिग्गजों ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि भारत में रोजगार के अवसरों में खासी कमी है जबकि अमेरिका में 70 प्रतिशत नौकरियां स्टार्टअप्स के माध्यम से ही सामने आती है। लेकिन भारत में अभी इस तरह का माहौल नहीं है।
स्टार्टअप्स की जरूरत पर एक दिन पहले ही बोलते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी ने कहा था कि ‘स्टार्टअप पर भारत देर से जागा है, मैं भी इसके लिये जिम्मेदार हूं।’
जबकि कार्यक्रम में फाइनेंस मिनिस्टर अरूण जेटली ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया भारत से लाइसेंस राज का खात्मा कर देगा।

 

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