कभी देश का न.1 का राज्य कहा जाने वाला पंजाब आज “सोग” में है

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संजय सिंह

हरित क्रांति के सिरमौर पंजाब की चमक धुँधला गई है । देश का अव्वल अन्नदाता सरकारों की दिवालिया बना रही नीतियों से टूट कर मान बचाने के लिये जीवन की जगह मृत्यु का वरण कर रहा है । पंजाब आज “सोग” में है ।

कभी देश का न.1 का राज्य कहे जाने वाले पंजाब की हालत आज आप देंखेंगे तो शायद आपको यकीन ना हो, जिस प्रदेश के किसान को देखकर दूसरे राज्यों के किसान सोचते थे कि “काश हम भी पंजाब के किसान जैसे हो जाय” आज उस पंजाब में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया।

पटियाला जिले के राजला गाँव में जसवंत सिंह नाम का एक किसान रहता था, खेती के सहारे अपने परिवार का पालन पोषण करता था, लेकिन ज़िन्दगी में दुखों का ऐसा पहाड़ जसवंत पर गिरा कि उसकी बर्दाश्त करने की शक्ति खत्म हो गई।

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गांव वाले बताते हैं कि जसवंत बहुत बहादुर था लेकिन एक के बाद एक हादसों ने उसे तोड़ दिया।

पहले पत्नी कैंसर से बीमार हुई तो उसके इलाज में अपना सबकुछ झोंक दिया लेकिन किस्मत ने साथ ना दिया और लम्बी बीमारी के बाद पत्नी का देहांत हो गया।

अभी पत्नी के गम से ऊबर पाता की इसी बीच जवान बेटे सुर्जन सिंह की सड़क दुर्घटना हो गई, इस दुर्घटना में सुर्जन की पत्नी की मौत हो गई ।

सुर्जन पैर से विकलांग हो गया जसवंत बेटे के साथ हुए इस हादसे से अंदर तक टूट गया। 3 किले खेती में परिवार चलाना मुश्किल हो गया।  पत्नी और बेटे के इलाज ने इस गरीब किसान को कर्ज के बोझ से दबा दिया, अब बेटी की शादी की चिंता भी सताने लगी।  भाइयों ने कुछ सहारा देकर बेटी की शादी तय तो करा दी लेकिन दुःख झेलते झेलते जसवंत बुरी तरह टूट गया था,

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आज बेटी की बारात आने वाली थी, लेकिन गरीबी और बदहाली से तंग आकर जसवंत ने अपने शरीर को आग के हवाले कर दिया जसवंत को रोते हुए अपनी बेटी को विदा करना था।  लेकिन बेटी को क्या मालूम था कि उसे ही रोते बिलखते हुए अपने बाप की अर्थी विदा करनी पड़ेगी।

पंजाब में किसी किसान द्वारा आत्मदाह करने की ये पहली घटना है। इस घटना ने हम सबको अंदर तक हिला दिया है।

कब तक किसान की आत्महत्या पर हम अफसोस जाहिर करते रहेंगे? सत्ता के नशे में चूर बादल सरकार से उम्मीद करना बेकार है। पूरा पंजाब जानता है कि निर्मे की खेती की बर्बादी हो या किसानो की फसल खरीद में दलाली या फिर मुआवजे के नाम पर मजाक, इन सब के लिए बादल सरकार की गलत नीतियां और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है।

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अब हम सबको मिलकर खुद से पहल करनी होगी पंजाब के किसान को सरकार नही समाज ही बचा सकता है,चलिये हमसब एकसाथ एक जुट होकर कोशिश करें ताकि किसी को अपनी बेटी की शादी, परिवार का पेट पालने और इलाज कराने के लिये अपनी जान ना देनी पड़े। किसानों की मदद के लिए मिलकर हाथ बढ़ाये पंजाब को बचाएं।

संजय सिंह आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, प्रवक्ता,और पंजाव,हिमांचल और उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं।

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