संघ मुक्त भारत का सपना अच्छा है लेकिन मुलायम जैसे नेताओं के रहते सम्भव नही है

0

विश्वनाथ चतुर्वेदी

गैर भाजपाई दलो को एकजूट करना मेढक तौलने की तरह है! आज बदली हुई परिस्थितियों में नीतीश कुमार कुमार का बयान प्रथम दृष्ट्या अच्छा लगता है, लेकिन गैर संघवाद के नाम पर बिहार चुनाव से पूर्व यूनाइटेड जनता दल बनाने के ख़्वाब को सीबीआई के इशारे पर पलीता लगाने वाले मुलायम सिंह यादव जैसे छत्रपो के रहते भानुमति का कुबें को एकजुट कर पाना मेढक तौलने सा प्रतीत हो रहा है।

Also Read:  BJP workers burn effigy of Union minister, submit mass resignations

मौजूदा समय में अधिकांश छत्रप सीबीआई के शिकंजे में है जो समय-समय पर संसद में दिखाई भी पड़ता है।

देश गंभीर चुनोतियो से जूझ रहा है और यह आर्थिक रूप से संपन्न माने जाने गुजरात में 12 वर्षो तक हुक़ूमत करने वाले मोदी जी की हिटलरवादी सोच का ही नतीज़ा है।

Also Read:  Ratan Tata breaks silence, says tweet tagging Kejriwal sent with malicious intent

गैर बराबरी, सांप्रदायिक सौहार्द, गरीबी, भुखमरी,ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था, पूँजीपतियों की लूट, बेरोजगारी की वजह से खाई इतनी चोड़ी हो गई है कि आज पूरा गुजरात जल रहा है।

कर्फ्यू, धारा144 लगाकर जनआंदोलनो को रोकना अंतिम समाधान नही है। सपने बेचकर सत्ता हथियाई जा सकती है लेकिन सपनो को धरातल पर उतारकर डिलीवर करना कठिन होता है।

मोदी सपने बेच कर सत्ता तो पा गए लेकिन देश अपने को ठगा महसूस कर रहा है। चौतरफा नाकामी, भरस्टाचार, पूँजीपतियों की लूट से देश कराह रहा है। मोदी एक अच्छे प्रचारक हो सकते है लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर देश के सबसे नाकारा साबित हो चुके है।

Also Read:  मतदाताओं को लुभाने के लिये होना था 113 करोड़ रूपये की ब्लैक मनी इस्तेमाल

The author is an anti-corruption activist. Views expressed here is his personal and jantakareporter.com doesn’t subscribe to them

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here