नरेंद्र मोदी जी, जनमत का मज़ाक मत उड़ाइए और देश को बांटने की राजनीति बंद कीजिये

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नीरज गुप्ता 

काफी क्षुब्ध हो इसलिए फिर लिख रहा हु ! इसलिए लिख रहा हु के कुछ सचाई सामने ला सकु!

इसलिए लिख रहा हु के आप पढ़े और तय करे के आप भी कही उस भीड़ तंत्र का हिस्सा तो नहीं बन गए है!

जरा सोचिये के चल क्या रहा है, लोकसभा इलेक्शन से पहले मुजफ्फरनगर में दंगे कराये जाते है ,जिसके तहत ध्रुवीकरण होता है और मोदीजी 282 सीट जीत जाते है, उसके बाद हर इलेक्शन से पहले बारी बारी ये मुद्दे उठाये जाते है!

लव जिहाद

धर्म परिवर्तन

बीफ विवाद

मंदिर मस्जिद

लेकिन जनता इन मुद्दो को भांपते हुए इनके जनक और पोषको को करारा जवाब देती है, और हरा देती है अब एक नया मुद्दा लाया जाता है देशभक्ति और देशद्रोही ! ये जानते समझते हुए के हिंदुस्तान में रहने वाला चाहे वो किसी भी धर्म का हो किसी भी जाति का हो किसी भी क्षेत्र से आता हो हिंदुस्तान के विरोध में कुछ बर्दाश्त नहीं करेगा !

आज की तारीख में JNU में जो हुआ उस पर आपको फेसबुक ट्विटर, व्हाट्सप्प पर लिखने के बाद अंत में ये लिखना पढता है के आप JNU में हुए नारे बाज़ी का समर्थन नहीं करते ! ऐसा आपको इसलिए करना पड़ता है के आप को भय है उस भीड़ का जो आपको अपने मुताबिक सोचने पर मजबूर कर रही है !

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1. क्या हुआ था उस दिन JNU में ?

2. देश विरोधी नारे लगे थे ?

3. अफज़ल के समर्थन में नारे लगे थे?

4. किसने लगाये थे ?

5. कितनो की गिरफ्तारियां हुयी?

6. क्या अकेले कनहया ने लगाये थे ?

7. क्या कन्हैया की कोई वीडियो मिली अभी तक?

ऊपर से 125 करोड़ लोगो का प्रतिनिधित्व करने वाले गृहमंत्री का ये बयान के JNU को हफ़ीज़ सईद का समर्थन प्राप्त है.अगर ऐसा है तो ये और भी भयावह है के एक वांटेड आतंकवादी हमारे गृहमंत्री के घर से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाली एक यूनिवर्सिटी में ऐसा करवा पाने में सफल हो रहा है !

कन्हैया की गिरफ़्तारी के बाद कुछ और घटनाये होती है, और कोर्ट में उसकी पेशी के दौरान कुछ भाजपा समर्थक वकील (वकीलों के भाजपा नेताओ के फोटो सबके सामने है ) हिंसा फैलाते है, पत्रकारों और कन्हैया को सरे आम पुलिस के सामने पीटा जाता है और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है!

यहाँ एक सवाल खड़ा होता है के जो लोग देश की देशभक्ति का दम भर रहे है उसी देश में एक कानून नाम की चीज़ है जो ये कहता है के ” हर आदमी को गुनहगार तब तक नहीं माना जा सकता जब तक उसका गुनाह साबित न हो जाये (A person is innocent till he is proven guilty ) !

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लेकिन ये कौन देशभक्त लोग है जो उस कानून का सरेआम मजाक उड़ा रहे है, ये कौन है जो भीड़ के रूप में जज बने घूम रहे है, ये कौन लोग है जो तिरंगा लेकर सबको माँ बहन की गालिया दे रहे है, और इनकी क्या मानसिकता है ! अगर कन्हैया ने सच में गुनाह किया होगा तो उसे कानून सजा देगा, आप कौन होते है उसे गुनहगार साबित करने वाले!

आपके दूसरे धर्मो को लेकर क्या विचार है ये सब जानते है मगर कन्हैया तो आपके ही धर्म का है, रोहित वेमुला भी आपके ही धर्म का था फिर ये विरोध क्यों ? दरअसल रोहित और कन्हैया दोनों ही आपके और RSS के विचारो से सहमत नहीं है इसलिए उनका विरोध किया जा रहा है

आखिरी में कुछ सीख देना चाहता हु

मोदी जी, आपको देश ने जनमत दिया है और उस जनमत को पाने के लिए आपने ध्रुवीकरण किया, देश में मौजूद हर व्यवस्था का इस्तेमाल किया और अपने प्रचार प्रसार में करोडो खर्च किये तब भी आपको 31 % लोगो ने वोट दिया जिस देश में 80 % हिन्दू है उस जनमत का उपहास मत उड़ाइए और ये बाटने की राजनीती छोड़िये!

याद रहे हिंदुस्तान का इतिहास है के जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था और ध्रतराष्ट्र मूकदर्शक बना हुआ था, उसके बाद महाभारत हुआ जिसमे भाइयो ने भाइयो की जान ली, रिश्तेदारो ने रिश्तेदारो की जान ली!

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आपके समर्थक तो भूल चुके है पर क्या आप भी भूल गए 15 अगस्त 2014 को लालकिले की प्राचीर से आपने क्या कहा था ” हमें अगले 10 साल तक हिन्दू मुस्लिम को छोड़कर भाईचारे को अपनाना चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा!

जिस देश ने आपको जिन मुद्दो पर जनमत दिया है वो आज भी वैसे ही जीवंत है कृपया उनपर काम कीजिये और अपने समर्थको को भी कहिये के देशहित और राष्ट्रहित में आपका साथ दे !

1. देश आज भी महंगाई से जूझ रहा है, इन्फ्लेशन इंडेक्स को छोड़िये और मार्किट जाकर पता करिये क्या सस्ता हुआ (इंसान की जान तो पहले भी सस्ती थी आज भी है )!

2. किसान आज भी 1-2 लाख के लोन पर आत्महत्या कर रहा है जबकि अडानी अम्बानी जैसे धन्ना सेठो का 1 लाख 14 हज़ार करोड़ का लोन माफ़ कर दिया जाता है!

3. डॉलर और रूपये में स्पर्धा आज भी कायम है और डॉलर 68.70 रूपये पहुंच गया है!

4. सेंसेक्स (हलाकि मै उसे तरक्की का फ़र्ज़ी पैमाना मानता हु )

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