DNA विवाद: बिहार एक राज्य या सोच ? इस से कैसे कोई प्रेम न करे

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ऋचा वार्ष्णेय 

बिहारी वो लोग जो बिहार में रहते हैं और भाषा भोजपुरी,मगधी, मैथली (जो कि मिथिला की भाषा है और माँ जानकी यानि सीता कि जन्म भूमिं है) बोली जाती हों.

कुछ दिनों पहले हमारे ‘भाग्य विधाता’ हमारे माननिय प्रधानमंत्री ने एक भाषण के दौरान उनके DNA पर सवाल किया, तो वो जानना चाहेंगे वहां के डीएनए का इतिहास?

बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुध जिन्होंने पुरे विश्व में बौद्ध धर्म को मान बढ़ाया का जन्मस्थल है ये. आचार्य चाणक्य जिन्हे आज भी सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक माना जाता है, यहीं पैदा हुए. खगोल के वैज्ञानिक आर्य भट्ट जिन्होंने शून्य की रचना की और विश्व में भारत के नाम को और सम्मान दिलाया की जन्म भूमि है ये. राजा अशोक, चंद्रगुप्तमौर्य ,समुद्रगुप्त,शेरशाहसूरी,इत्यादि का जन्म स्थल ये बिहार ही है.

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सिखों के दसवे गुरु श्री गुरु गोविन्द साहब का जन्म भी यही हुआ था, १९५७ की क्रांति की शुरुआत भी यही से हुई, सातवी सताब्दी में जब विश्व के अनगिनत हिस्से शिक्षा के मोहताज थे तब बिहार में नालंदा विश्व विद्यालय का निर्माण हुआ जिसने न सिर्फ भारतीय अपितु आज के विकसित देशो, जैसे चीन,कोरिया,जापान,इंडोनेशिया तुर्की इत्यादि को भी शिक्षा दी.

भारत के प्रथम राष्टपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जन्मस्थली भी यही है, न सिर्फ ऐतिहासिक बल्कि लेखको से भी यह भूमि भरी हुई  है. इस भूमि को गर्व है की इस ने देवकी नंदन खत्री एक प्रसिद्ध नावेल के रचनाकार “चन्द्रकान्ता ” पद्म भूषण से सम्मानित,रामधारी सिंह दिनकर ,शिवपूजन सहाय,विन्देश्वर पाठक तथा भारत रतन विभूषित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे सपूत पैदा किए .

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सिर्फ इतना ही नही बिहार का अपना एक फिल्म जगत है जिसमे बहुत ही सफल फिल्मो जैसे नदिया के पार, कन्यादान का निमार्ण किया. प्रसिद्ध कलाकार गायक निर्देशक आदि से भी ये धरती भरी हुई जैसे अनुभव सिन्हा ,शत्रुघ्न सिन्हा,सोनाक्षी सिन्हा,रवि किशन, मनोज तिवारी जैसे अनगनित नाम.

और सबसे महत्वपूर्ण आईएएस यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास करने वालों की सूचि में यहां के नौजवानों और नवयुवतियों के सबसे आगे रहने का   इतिहास है. वैसे तो बिहार का इतिहास भरा पड़ा है पर उनकी सभ्यता की एक खास बात वहां की भाषा बहुत ही मीठी है जहाँ बच्चो को भी आप कह कर सम्बोधित  करते हैं तथा बच्चो को प्यार से बाबू कह कर पुकारा जाता है.

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खान पान का धनी बिहार लिट्टी चोखा,कड़ी बरी ,गुघ्नी,पिट्ठा,चूरा सत्तू,बिहारी कबाब आदि स्वादिष्ट पकवानो से किसी का भी मन मोह ले.

ऐसे अतुलनीय बिहार से कोई कैसे प्रेम न करे

NOTE: Views expressed are the author’s own. Janta Ka Reporter does not endorse any of the views, facts, incidents mentioned in this piece.

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