डिग्री विवाद: विश्वविद्यालयों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है

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राज किशोर

लापरवाह टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, बुधवार को प्रधानमंत्री निवास में आयोजित एक संक्षिप्त आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश त्यागी ने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को बीए (ऑनर्स) का प्रमाणपत्र भेंट किया। विश्वविद्यालय की ओर से संतुष्टि एवं आभार व्यक्त करते हुए श्री त्यागी ने कहा कि हम शीघ्र ही बारहवीं का प्रमाणपत्र भी भेंट करेंगे। उनके अनुसार, इसमें विलंब इसलिए हो रहा है कि बारहवीं की डिग्री देने वाला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एक स्वायत्त संस्थान है और दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत नहीं आता।

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बीए (ऑनर्स) की मानद डिग्री स्वीकार करते हुए श्रीमती ईरानी ने कहा कि असली महत्व ज्ञान का है, डिग्रियों का नहीं। कबीर का एक दोहा उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा, मोल करो तलवार का पड़ा रहन दो म्यान।

सूत्रों के अनुसार, कबीर का दोहा सुन कर प्रधानमंत्री श्री मोदी भावुक हो उठे। नरसी मेहता का एक पद सुनाते हुए उन्होंने इस पर जोर दिया कि कोई भी डिग्री वास्तव में किसी विश्वविद्यालय के विचारों का इजहार है। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग डिग्री में शक करते हैं, वे वास्तव में विश्वविद्यालय के अभिव्यक्ति के अधिकार पर प्रहार करते हैं।

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इस अवसर पर माननीया मानव संसाधन मंत्री ने घोषणा की कि डिग्री प्रदान करने के लिए एक केंद्रीय संस्थान का गठन करने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद देश की किसी भी अन्य संस्था को डिग्री जारी करने का अधिकार नहीं रह जाएगा।

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Raj Kishore is an award-winning veteran journalist with several decades of experience. Formerly with Navbharat Times and Ravivar, he’s currently editing Ravivar Digest. He’s written more than a dozen books. Views expressed here are the author’s own.

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