भारत में सोलर ऊर्जा की ओर ध्यान क्यों नहीं?

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ऋचा वार्ष्णेय 

हर गर्मियों में सूरज की गर्मी से हम बेहाल होते हैं और भारत में 2015 में 2200 से भी ज्यादा लोगो ने अपनी जानें भी गवां दी इसी गर्मी और धूप के चलते।
क्यों न कुछ ऐसा करें कि इस धूप को कोसने की जगह हमें इंतज़ार हो हर सूरज की किरणो का ! इसका बेहतर उदाहरण है सोलर एनर्जी यानी वो सूरज की किरणों से बनने वाली ऊर्जा।

गर्मी से बचने के लिए हम विधुत ऊर्जा यानी बिजली का प्रयोग करते है पर बिजली की अत्यधिक खपत के कारण उसकी मांग अधिक होने की वजह से इसका मूल्य भी अधिक हो गया हैऔर गरीब व्यक्ति इसका प्रयोग करने के लिए असहाय और कई इलाको में इसी खपत के चलते बिजली की कटौती भी की जाती जाती है।

इस तरह की सभी समस्याओं से झूझने की जगह अगर हम सोलर ऊर्जा को विकल्प के लिए प्रयोग करें तो यह राष्ट्र के हित में होगा और प्रत्यके व्यक्ति का व्यय यानी खर्च भी कम होगा।

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हम सोलर ऊर्जा का प्रयोग रिक्शा में, ऑटो,बसो की छतो पर कर सकते हैं, यातायात के सभी वाहनो को सोलर ऊर्जा से चलाया जा सकता है जिससे पेट्रोल एवं डीज़ल का प्रयोग भी कम होगा एवं प्रदुषण के खतरे भी कम होंगे इसके अलावा सोलर कुकर,सोलर पंखे,बल्ब बहुत सारे और भी यंत्र हैं जो सोलर ऊर्जा से चलाए जा सकते हैं।

इस का इस्तेमाल हम सरकारी बस स्टॉप की छतो पर,सरकारी संस्थानों में,स्कूलों में,अस्पतालों में कर सकते है, इससे सरकारी ख़ज़ाने पर बिजली के बिल का भार भी कम होगा और वहां की इमारते कभी अँधेरे में नही डुबेंगी

यही नहीं, खेती में भी हम सोलर यंत्रो का प्रयोग कर सकते हैं।

भारत में कोची सोलर ऊर्जा से चलने वाला विश्व का पहला एयरपोर्ट बन भी गया है और मध्यप्रदेश में सबसे बड़ा पावर प्लांट बनाया गया है

अगर हम दुसरे देशों की बात करें तो जर्मनी एवं जापान ने सोलर ऊर्जा पर छूट दी है, विश्व भर ने इस सोलर का प्रयोग देशहित में किया है तो हम भला अपने देश को इस लाभ से अछूता क्यों रखे

सोलर ऊर्जा को बनाने क लिए हमे सोलर प्लेट्स एवं सोलर से बने अन्य वस्तुओ की आवश्यकता पड़ेगी।

या तो हम उनका आयत करें, पर ऐसा करने पर सोलर ऊर्जा का खर्च अधिक आएगा इससे बेहतर होगा अगर भारत सरकार या किसी भी राज्य की सरकार सोलर प्लेट्स के निर्माण को भारत में ही प्रोत्साहित करे और उनसे जुड़े व्यापारों को कर के भार में थोड़ी छूट दे जिससे इसका खर्च भी कम आएगा और प्रत्येक व्यक्ति कम दाम की वजह से इसको खरीदने में सक्षम भी होगा।

परन्तु ध्यान रहे कि इस व्यबसाय का उद्देश देश को बिना लाभ के सहायता पहुचना ही हो, आईये मिलकर करे ये कोशिश जिससे हर दिन की सूरज की रौशनी आँखों को चुभन न दे बल्कि सबको सुकून दे

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