यह हिंदुस्तान है, जैसा कि एक मनफिरे जज ने कहा था, यहां 90% लोग पागल होते हैं: जस्टिस काटजू

0

जस्टिस मार्कण्डेय काटजू

एक बार हिंदुस्तान में एक गिद्द के बच्चे ने अपने बाप से कहा

“पिताश्री, मुझे इंसान का गोश्त खाना है”. गिद्द बच्चे के लिए सुअर का गोश्त ले आया।

बच्चे ने कहा “मगर यह तो सुअर का गोश्त है” और यह कह कर खाने से इनकार कर दिया।

Also Read:  BJP ने लालू के मंत्री बेटे तेजप्रताप पर लगाया 90 लाख के मिट्टी घोटाले का आरोप

तब गिद्द बच्चे के लिए गाय का गोश्त ले आया

बच्चे ने कहा “मगर यह तो गाय का गोश्त है” और यह कहकर खाने से इंकार कर दिया

तब गिद्द गया और सुअर के गोश्त को मस्जिद में, और गाय के गोश्त को मंदिर में रातों रात फेक आया

Also Read:  शु‍क्रवार के दिन मदरसे बंद रहने पर असम के शिक्षा मंत्री ने जताई आपत्ति, कहा- ये पाकिस्‍तान या बांग्‍लादेश नहीं है

अगले दिन इंसानों की लाशें शहर में बिछ गयीं, और गिद्द के बच्चे ने कई हफ्ते जम के खाया

उसके बाद उसने अपने बाप से कहा “पिताश्री, इतनी सारी लाशें इतनी जल्दी कैसे मिल गयीं ?”

गिद्द ने कहा “बेटा, यह हिंदुस्तान है, जैसा कि एक मनफिरे जज ने कहा था, यहां 90% लोग पागल होते हैं”

Also Read:  "राष्ट्रीय गान संसद के दोनों सदनों में भी दरवाज़ा बंद करके बजना चाहिए"

The above post first appeared on Justice Katju’s Facebook page. If you have any thoughts on the barabaric lynching of an innocent man in Noia, please send them to contact@jantakareporter.com and we will publish them on our page.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here