भारत माँ के महान सपूत सरताज को हमारा सलाम

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अलका लाम्बा

‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’

सरताज का यह कहना साबित करता है कि सरताज एक मुस्लिम होने से पहले एक सच्चा हिंदुस्तानी है और देश की सैना में उसका होना उसकी देशभक्ति को दर्शाता है।

सरताज के पिताजी को कुछ दैहशदगर्दो ने बड़ी बेहरहमी से पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया, छोटा भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, माँ और छोटी बहन का रो रो कर बुरा हाल है और हर एक से न्याय की गुहार लगा रही हैं।

किसी शख्स के लिये उसका परिवार ही उसका सब कुछ होता है, उसकी जिंदगी और जीने का मकसद होता है, परिवार के लूट जाने से यूँ महसूस होता है जैसे की उसकी जिंदगी ही खत्म हो चुकी हो, परंतु सरताज एक सच्चा राष्ट्रवादी और देशभक्त है इसीलिये उसने अपनी सेवाओं को देने के लिये देश की सैना को चुना और खुद पर मुसीबत का पहाड़ टूटने के बावजूद भी उसका यह कहना कि “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” साबित करता है की उसने अपने परिवार से पहले अपने देश को रखा। उसने अपने धर्म से पहले इंसानियत को रखा और दादरी के लोगों से ऐसे माहौल में भी शांति बनाये रखने की सबसे अपील की।

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सरताज के चेहरे पर एक शांति दिखी, वह दुःखी जरूर दिखे परंतु दैहशदगर्दो के लिये किसी प्रकार का गुस्सा या बदला लेने की इच्छा से दूर कोई द्वेष की भावना नहीं।

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शायद सरताज महसूस करता है कि उसके पिता को मौत के घाट उतारने वाले और छोटे भाई को मौत के मुहँ में धकेलने वाले दैहशदगर्द कोई सरहद पार के आतंकी नहीं बल्कि अपने ही देश के कुछ भटके,गुमराह और धर्म के नाम पर क़त्लेआम मचाने वालों के हाथों खेल रहे अपने ही कुछ भाई लोग है।देश में सभी बुरे लोग है ऐसा भी नहीं है,दादरी गावँ में यहाँ उसका बचपन गुजरा वहाँ सभी बहुत प्यार और भाई-चारे से अब तक रहे, हर बार दिवाली-ईद सबने मिलकर मनाई। लेकिन कुछ चंद लोगों की वजह से वह पुरे गावँ या देश को दोष नहीं देना चाहते।

सरताज ने दादरी के लोगों से शांति और भाईचारा बनाये रखने की अपील करते हुये सभी से उसके परिवार के लिये दुआ करने को कहा।

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सरताज का ऐसे हालत और माहौल में भी यह कहना कि “सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा” सरताज को “महान् भारत माँ” का एक “महान सपूत” बनाता है। आज हमारा मन करता है कि हम धरती के इस लाल को सलाम करें।

आइये आज हम सब मिलकर एक बार फिर से प्रयास करें और अपनी जाती,धर्म,भाषा के चक्रवियू से बहर निकलकर एक सच्चे इंसान और भारतीय की तरह सोचते हुये देश को एक रखने की कसम खायें।

जय हिन्द !!!

The author is an Aam Aadmi Party’s MLA from Chandni Chowk and Parliamentary Secretary, Tourism in Delhi government.

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